पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ पाकिस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 0-3 से गंवा दी। खराब प्रदर्शन के बाद अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भी पाकिस्तानी टीम को बड़ा झटका दिया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-3 से क्लीन स्वीप झेलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट में स्लो ओवर रेट के लिए पाकिस्तान पर कार्रवाई की है। टीम पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, जबकि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में उसके 11 अंक भी काट लिए गए हैं।
पाकिस्तान के लिए यह फैसला ऐसे समय आया है जब टीम पहले ही WTC में संघर्ष कर रही है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। इस खराब प्रदर्शन के बाद ICC की सजा ने टीम की WTC स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।
स्लो ओवर रेट के कारण हुई ICC की कार्रवाई
ICC की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान की टीम निर्धारित समय में 11 ओवर कम फेंक पाई। मैच के दौरान उपलब्ध अतिरिक्त समय को ध्यान में रखने के बाद भी टीम लक्ष्य से 11 ओवर पीछे रही। इसी वजह से ICC ने स्लो ओवर रेट के नियमों के तहत पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की।
इस मामले में खिलाड़ियों पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही WTC प्वाइंट्स टेबल में पाकिस्तान के खाते से 11 अंक कम कर दिए गए हैं। यानी टीम को सिर्फ आर्थिक जुर्माने का सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि उसके चैंपियनशिप अंक भी सीधे प्रभावित हुए हैं।

इन अधिकारियों ने लगाए थे आरोप
पाकिस्तान के खिलाफ स्लो ओवर रेट से जुड़े आरोप ऑन-फील्ड अंपायर पॉल राइफल और क्रिस गैफेनी ने लगाए थे। तीसरे अंपायर अल्लाहुद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने भी मामले में अपनी रिपोर्ट दी। इसके बाद ICC एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरी के रंजन मदुगल्ले ने उपलब्ध जानकारी और नियमों के आधार पर प्रतिबंध लगाया।
ICC की प्रक्रिया के तहत मैच में निर्धारित समय के भीतर ओवर पूरे नहीं करने पर टीम के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टेस्ट मैच तय समयसीमा के भीतर आगे बढ़े और खेल की गति बनी रहे।
किस नियम के तहत लगा जुर्माना?
स्लो ओवर रेट के मामले में ICC के प्लेयर्स और प्लेयर सपोर्ट स्टाफ के लिए आचार संहिता का अनुच्छेद 2.22 लागू होता है। इस नियम के तहत निर्धारित ओवर रेट से कम रहने पर खिलाड़ियों पर प्रत्येक ओवर की देरी के लिए उनकी मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि, इस तरह के अपराध में अधिकतम जुर्माना मैच फीस के 50 प्रतिशत तक सीमित है।
पाकिस्तान 11 ओवर पीछे रहा, इसलिए नियम के अनुसार जुर्माना अधिकतम सीमा तक पहुंच गया। परिणामस्वरूप खिलाड़ियों पर 50 प्रतिशत मैच फीस का दंड लगाया गया।
WTC के 11 अंक क्यों काटे गए?
मैच फीस के जुर्माने के अलावा पाकिस्तान को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नियमों के तहत भी नुकसान उठाना पड़ा। ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अनुच्छेद 16.11.2 के मुताबिक, निर्धारित ओवरों से प्रत्येक ओवर कम होने पर टीम के खाते से एक WTC प्वाइंट काटा जाता है। चूंकि पाकिस्तान की टीम 11 ओवर पीछे रही, इसलिए उसके कुल WTC अंक से 11 अंक कम कर दिए गए। यह कटौती टीम के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि टेस्ट चैंपियनशिप में प्रत्येक अंक अंतिम स्थिति पर असर डाल सकता है।










