T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 20 दिसंबर को भारतीय क्रिकेट टीम का 15 सदस्यीय स्क्वॉड घोषित हो चूका है। हालांकि, टीम का एलान होने के बाद भी इसमें बदलाव की संभावना बनी रहती है। यह बदलाव ICC के नियमों के तहत सीमित शर्तों में ही किया जा सकता है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: टी20 विश्व कप 2026 के लिए 20 दिसंबर को 15 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया हैं। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। इस बार भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं। ऐसे में टीम इंडिया की कोशिश इस बार भी खिताब का बचाव करने की होगी।
हालांकि, टीम का एलान होने के बाद भी इसमें बदलाव की संभावना बनी रहती है। यह बदलाव ICC के नियमों के तहत सीमित शर्तों में ही किया जा सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कैसे टीम में फेरबदल संभव है और कट ऑफ टाइम क्या होता है।
ICC का नियम
ICC (International Cricket Council) के अनुसार, किसी भी मल्टीनेशनल टूर्नामेंट के शुरू होने से एक महीने पहले सभी टीमों को अपना प्रारंभिक स्क्वॉड घोषित करना होता है।
- टी20 वर्ल्ड कप 2026 7 फरवरी से शुरू हो रहा है।
- यानी 7 जनवरी 2026 तक सभी टीमों को अपने स्क्वॉड में बदलाव करने की छूट है।
इस समय सीमा के बाद स्क्वॉड में बदलाव करने के लिए ICC की टेक्निकल कमेटी की औपचारिक अनुमति जरूरी होगी।

कब और कैसे बदलाव किया जा सकता है
कट ऑफ टाइम के भीतर यानी 7 जनवरी 2026 तक BCCI या अन्य बोर्ड बिना किसी औपचारिक अनुमति के स्क्वॉड में फेरबदल कर सकता है। इसके बाद बदलाव केवल गंभीर परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। उदाहरण के लिए:
- कोई खिलाड़ी गंभीर चोटिल हो जाता है।
- खिलाड़ी की मेडिकल रिपोर्ट जांच के बाद ICC टेक्निकल कमेटी से स्वीकृति मिलती है।
- अनुमति मिलने के बाद ही खिलाड़ी को टीम से हटाया या जोड़ा जा सकता है।
इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टूर्नामेंट की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनी रहे और किसी टीम को अचानक लाभ या नुकसान न हो। टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का एलान किया जा चूका है, लेकिन चयनकर्ताओं के पास कट ऑफ टाइम तक फेरबदल करने की सुविधा रहेगी। ऐसे में यदि किसी खिलाड़ी की फिटनेस, फॉर्म या अन्य कारणों से बदलाव जरूरी हो जाता है, तो BCCI इसे January 7, 2026 तक कर सकती है।










