ताबड़तोड़ गोलियां और बिछी लाशें! यहूदी हमले के बाद ईरान में मची खलबली, आखिर क्या है वजह

ताबड़तोड़ गोलियां और बिछी लाशें! यहूदी हमले के बाद ईरान में मची खलबली, आखिर क्या है वजह

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हनुक्का उत्सव के दौरान बोंडाई बीच पर फायरिंग हुई। हमले में 12 लोगों की मौत और करीब 30 घायल हुए। पुलिस ने एक हमलावर को मार गिराया, दूसरा हिरासत में है।

World Update: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में यहूदी पर्व हनुक्का के जश्न के दौरान हुई अंधाधुंध फायरिंग ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। न्यू साउथ वेल्स यानी NSW की राजधानी सिडनी के बोंडाई बीच पर आयोजित कार्यक्रम उस वक्त खून से लाल हो गया, जब दो हथियारबंद हमलावरों ने भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि लगभग 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह घटना न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया बल्कि वैश्विक स्तर पर यहूदी समुदाय के लिए गहरे डर और चिंता का कारण बन गई है।

बोंडाई बीच पर कैसे हुआ हमला

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सिडनी के बोंडाई बीच पर यहूदी पर्व हनुक्का के मौके पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में लोग समुद्र तट पर जमा थे। तभी शाम के समय अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी। दो शूटर्स ने भीड़ को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कुछ ही पलों में उत्सव का माहौल अफरा तफरी में बदल गया।

पुलिस कार्रवाई और हमलावरों की स्थिति

न्यू साउथ वेल्स पुलिस के मुताबिक मौके पर तुरंत कार्रवाई की गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध हमलावर की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरा शूटर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया, जिसे पुलिस ने कस्टडी में ले लिया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने इलाके को सील कर दिया और जांच शुरू कर दी है।

चश्मदीदों की आंखों देखी दहशत

घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों के बयान इस हमले की भयावहता को बयान करते हैं। एक चश्मदीद मार्कस ने बताया कि वह घर जाने की तैयारी कर रहे थे। बैग पैक कर चुके थे और बस पकड़ने वाले ही थे कि अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि कुछ ही सेकंड में लोग इधर उधर भागने लगे।

चप्पल, बैग और बाकी सामान वहीं छूट गया। उन्होंने बताया कि करीब 10 मिनट तक लगातार फायरिंग होती रही और उन्होंने लगभग 40 से 50 गोलियों की आवाज सुनी।

भगदड़ में बदला उत्सव

चश्मदीदों के मुताबिक गोलियां चलने के बाद लोग समुद्र तट से भागकर आसपास की सड़कों, पार्कों और पहाड़ियों की ओर दौड़ पड़े। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में जबरदस्त डर फैल गया। कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े तो कई लोग एक दूसरे को संभालते हुए सुरक्षित जगह की तलाश में भागते नजर आए। पूरे इलाके में चीख पुकार मच गई थी।

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की तीखी प्रतिक्रिया

इस हमले पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने गहरा दुख और गुस्सा जताया है। उन्होंने इसे चौंकाने वाली और बेहद दर्दनाक घटना बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सर्विसेज तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह यहूदी विरोधी नफरत और आतंकवाद का सबसे बदतर रूप है।

यहूदी ऑस्ट्रेलियंस पर हमला

प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने अपने बयान में कहा कि यह हमला सिर्फ यहूदी ऑस्ट्रेलियंस पर नहीं बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया पर हमला है। उन्होंने कहा कि हर ऑस्ट्रेलियन आज इस घटना से टूट चुका है। हमारे देश में नफरत, हिंसा और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस तरह की सोच और हिंसा को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।

इस बीच इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारी इस हमले के पीछे ईरान की भूमिका को लेकर शक जता रहे हैं। साथ ही हिजबुल्लाह, हमास और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा जैसे संगठनों से संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। हालांकि इस पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ऑस्ट्रेलिया और ईरान के रिश्तों में तनाव

इस घटना से पहले ही ऑस्ट्रेलिया और ईरान के रिश्तों में तनाव बढ़ चुका था। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने हाल ही में ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने बताया था कि ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसियों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि अक्टूबर 2024 में सिडनी में एक कोषेर यानी यहूदी खाद्य कंपनी और बाद में मेलबर्न के अडास इजराइल सिनागॉग पर हुए आगजनी हमलों के पीछे ईरान का हाथ था।

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