TCS शेयर पर CLSA का भरोसा, 39% अपसाइड का अनुमान

TCS शेयर पर CLSA का भरोसा, 39% अपसाइड का अनुमान

CLSA ने TCS को 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी और 3,593 रुपए का टारगेट रखा। AI आधारित ServiceNow साझेदारी और संभावित डिविडेंड से निवेशकों को लंबी अवधि में 39% तक लाभ मिलने की संभावना है।

TCS Share: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरहोल्डर्स के लिए CLSA ने उत्साहजनक रेटिंग दी है। इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने TCS को 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग देते हुए 3,593 रुपए का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 39 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी चौथी तिमाही में 35 रुपए तक का डिविडेंड दे सकती है और आने वाले समय में शेयर बायबैक की संभावना भी है।

CLSA की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि TCS की ServiceNow के साथ पार्टनरशिप काफी पॉजिटिव है। दोनों कंपनियां मिलकर AI आधारित सॉल्यूशंस डेवलप करेंगी, जिससे मैन्युअल और बिखरे हुए प्रोसेस को स्मार्ट और ऑटोमेटेड वर्कफ्लो में बदला जा सकेगा। इस तरह के समाधान समय के साथ खुद सीखकर बेहतर परफॉर्म करेंगे, जिससे TCS की उत्पादकता और क्लाइंट सेवा में सुधार होगा।

TCS शेयर में हाल की गिरावट 

हालांकि CLSA और अन्य विशेषज्ञों के सकारात्मक रुख के बावजूद TCS के शेयर में हाल ही में दबाव देखा गया। पिछले एक महीने में स्टॉक करीब 17 प्रतिशत गिर गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह निवेशकों की AI से जुड़ी चिंताएं हैं। निवेशकों का डर है कि नई AI तकनीक पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकती है, जिससे भविष्य में मुनाफे पर असर पड़ेगा।

इस महीने की शुरुआत में TCS का शेयर पांच साल के निचले स्तर तक गिर गया था। मार्केट कैपिटलाइजेशन में कंपनी चौथे स्थान से नीचे आकर छठी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। अब यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और ICICI बैंक से भी पीछे हो गई है। TCS का शेयर अपने ऑल-टाइम हाई 4,592 रुपए से करीब 44 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।

निवेशकों के लिए संभावित लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि CLSA का अनुमानित 39 प्रतिशत अपसाइड निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पेश करता है। डिविडेंड के रूप में 35 रुपए की घोषणा संभावित है, जिससे शेयरहोल्डर्स को आय का लाभ मिलेगा। साथ ही, टैक्स नियमों में बदलाव के बाद कंपनी के बायबैक की संभावना भी निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकती है। यह कदम TCS के शेयर को लंबे समय में स्थिर और लाभकारी बना सकता है।

इसके अलावा ServiceNow के साथ साझेदारी से AI सॉल्यूशंस का विकास कंपनी को भविष्य की तकनीकी प्रतिस्पर्धा में आगे रख सकता है। इससे TCS के व्यवसाय की स्थिरता बढ़ेगी और नए प्रोजेक्ट्स के अवसर भी खुलेंगे।

संभावित जोखिम और चुनौतियां

एनालिस्ट्स का कहना है कि TCS के सामने कई जोखिम भी हैं। अगर कंपनी को अपेक्षित बड़े प्रोजेक्ट या डील नहीं मिलते हैं, तो रेवेन्यू उम्मीद के अनुसार नहीं बढ़ेगी। बढ़ता कॉम्पिटिशन और प्राइसिंग प्रेशर मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं।

विदेशी आय पर निर्भरता भी कंपनी के लिए चुनौती है। अगर भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होता है, तो TCS की कमाई पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही अमेरिका में नीतियों, टैरिफ, महंगाई और बॉन्ड यील्ड को लेकर अनिश्चितता भी आईटी सेक्टर के लिए जोखिम पैदा करती है।

AI उत्पाद से बढ़ता दबाव

TCS सहित आईटी शेयरों पर दबाव बढ़ा जब AI कंपनी Anthropic ने नया प्रोडक्ट लॉन्च किया। यह टूल कानूनी कामों जैसे कॉन्ट्रैक्ट की जांच, एनडीए की समीक्षा, कंप्लायंस और लीगल डॉक्यूमेंट तैयार करने जैसे कार्य ऑटोमेट कर सकता है। निवेशकों को डर है कि AI सॉफ्टवेयर आईटी सर्विस कंपनियों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

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