25 फरवरी को शेयर बाजार में सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 82,276 पर और निफ्टी 25,482 पर बंद हुआ। ऑटो और आईटी शेयरों ने राहत दी, जबकि ITC, ONGC और भारती एयरटेल दबाव में रहे।
Share Market Closing: 25 फरवरी को शेयर बाजार ने दिन की शुरुआत उत्साह के साथ की थी। सुबह के सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी ने तेजी के साथ नए रिकॉर्ड स्तर छूने की दिशा में कदम बढ़ाया। सेंसेक्स इंट्राडे में 82,957.91 तक पहुंच गया और निफ्टी ने 25,652.60 का हाई टच किया। निवेशकों में शुरुआती जोश देखा गया और कई लोग सोचने लगे कि आज का दिन बाजार के लिए नया मील का पत्थर साबित होगा।
लेकिन दोपहर के समय अचानक बाजार की गति बदल गई। मुनाफावसूली और ऊपरी स्तर पर बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स दिन की हाई से करीब 700 अंक नीचे गिर गया। निफ्टी भी 25,500 के अहम स्तर के नीचे बंद हुआ। इस उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।
हालांकि दिन के अंत में थोड़ी रिकवरी के बाद सेंसेक्स 50.15 अंक की बढ़त के साथ 82,276.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 57.85 अंक ऊपर रहकर 25,482.50 पर बंद हुआ। इस बदलाव से साफ दिखा कि बाजार में मुनाफावसूली का दबाव अधिक था।
किन शेयरों ने संभाला बाजार?
बाजार में गिरावट के बीच कुछ प्रमुख सेक्टर और शेयरों ने दबाव कम किया और बाजार को संभाला। ऑटो और आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। बजाज ऑटो ने लगभग 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की और दिन का टॉप गेनर रहा। इसके अलावा टाटा स्टील, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और श्रीराम फाइनेंस में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही।
आईटी सेक्टर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा ने लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त दिखाई। ऑटो सेक्टर में महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी इंडिया और आइशर मोटर्स में भी 1-2 प्रतिशत की तेजी रही। इन शेयरों की मजबूती ने सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट को रोकने में मदद की।
किन शेयरों पर रहा दबाव?
बाजार की गिरावट में कई प्रमुख शेयर कमजोर रहे। आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में 1 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी गई। भारती एयरटेल और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के शेयर भी दबाव में रहे। इन शेयरों की कमजोरी ने बाजार की गिरावट को और तेज करने में योगदान दिया। कुल मिलाकर 1,966 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 2,064 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जो बाजार में दबाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।
बाजार में गिरावट की वजहें
विशेषज्ञों के मुताबिक, 25 फरवरी को बाजार में गिरावट के पीछे तीन बड़ी वजहें थीं। सबसे पहले, सुबह की तेजी के बाद निवेशकों ने ऊपरी स्तर पर मुनाफा कट करना शुरू किया। निफ्टी 25,800 के स्तर पर टिक नहीं पाया, जिससे बिकवाली बढ़ गई। दूसरी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का फिर से नेट सेलर बनना था।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया, लेकिन विदेशी बिकवाली दबाव को संतुलित नहीं कर सकी। तीसरी वजह तकनीकी नजरिए से निफ्टी का 25,670 के ऊपर मजबूती नहीं बना पाना थी। विशेषज्ञों के अनुसार 25,300 और 82,000 के स्तर अब अहम सपोर्ट माने जा रहे हैं। यदि ये स्तर टूटते हैं तो गिरावट और गहरी हो सकती है।










