उत्तर प्रदेश में BSP विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर इनकम टैक्स विभाग का छापा, जानिए पूरा मामला

उत्तर प्रदेश में BSP विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर इनकम टैक्स विभाग का छापा, जानिए पूरा मामला

बलिया से तीसरी बार विधायक उमाशंकर सिंह के आवास और प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की। लखनऊ और बलिया में सुरक्षा कड़ी की गई। विभाग वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति जांच रहा है, राजनीतिक हलचल बढ़ी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया से तीसरी बार विधायक बने बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास और प्रतिष्ठानों पर बुधवार को इनकम टैक्स विभाग (IT) की टीम ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर हलचल मच गई है। आयकर विभाग की इस कार्रवाई की वजह से इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सभी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।

लखनऊ और बलिया में छापेमारी

गोमती नगर स्थित उमाशंकर सिंह के आवास और कार्यालय पर आयकर विभाग के तीन दर्जन से अधिक अधिकारी पहुंचकर दस्तावेजों की जांच में जुट गए। छापेमारी में 50 से अधिक अधिकारियों की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, फाइलें और रिकॉर्ड खंगाले। बलिया में भी उनके प्लांट और प्रतिष्ठानों पर पुलिस और ईडी की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने गेट बंद कर दिया और किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

सांसद और बलिया के नेता उमाशंकर सिंह की फर्म पीडब्ल्यू कई बड़े निर्माण और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में शामिल रही है। उनकी कंपनी 'छात्र शक्ति' के माध्यम से वह निर्माण कार्य और अवैध खनन से जुड़े मामलों में चर्चा में रही हैं। इनकम टैक्स विभाग के इस छापे ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। इलाके में सभी लोग इस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और राजनीतिक दल भी इस मामले में बयान जारी कर सकते हैं।

छापेमारी की जांच का फोकस

सूत्रों के मुताबिक इनकम टैक्स विभाग वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। विभाग की टीम ने आयकर और वित्तीय रिकॉर्ड का विस्तार से विश्लेषण शुरू कर दिया है। छापेमारी का उद्देश्य यह देखना है कि क्या किसी तरह का टैक्स बचाव, अनियमित वित्तीय लेन-देन या संपत्ति संबंधी गड़बड़ी हुई है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

उमाशंकर सिंह का राजनीतिक प्रोफाइल

उमाशंकर सिंह बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं लेकिन राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। उनका राजनीतिक करियर और स्थानीय पहचान काफी मजबूत मानी जाती है। उनकी फर्म पीडब्ल्यू देश के कई हिस्सों में बड़े निर्माण प्रोजेक्ट में शामिल रही है, जिससे उनकी वित्तीय गतिविधियों पर ध्यान रखा जा रहा है।

छापेमारी के दौरान सुरक्षा कड़ी

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लखनऊ और बलिया में छापेमारी के दौरान भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था की गई। बलिया पुलिस ने विधायक के आवास और प्लांट के आसपास एरिया को घेर लिया और आवागमन पर रोक लगा दी। इनकम टैक्स विभाग की टीम ने दस्तावेजों के अलावा डिजिटल डिवाइस की भी जांच की।

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