आगरा में पिनाहट के 5 वर्षीय छोटू को पागल कुत्ते ने काट लिया। उसे तीन रैबीज इंजेक्शन लगवाए गए, लेकिन हालत बिगड़ी। आगरा और दिल्ली के अस्पतालों में इलाज के बाद बच्चा 1 फरवरी को मौत हो गया।
Uttar pradesh: छोटू सिंह अपने परिवार के साथ अतैयापुरा गांव में रहता था। उसके माता-पिता मनीषा और कुंवर सिंह, बड़ी बहन सुरभि (10) और भाई मोहित (8) भी घर पर थे। 9 जनवरी को शाम के समय छोटू घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक पागल कुत्ता आया और उसने बच्चे के सिर और चेहरे पर हमला कर दिया।
छोटू गिर गया और कुत्ते ने उस पर हमला जारी रखा। परिवार तुरंत उसे पिनाहट सीएचसी लेकर गया, लेकिन वहां डॉक्टर ने बच्चे को देखा नहीं और पर्चा बनाकर भेज दिया। इसके बाद बच्चे को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाकर इलाज शुरू किया गया।
तीन रैबीज इंजेक्शन के बावजूद हालत बिगड़ी
कुंवर सिंह ने बताया कि बच्चे को 9 जनवरी को पहला एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद 12 और 16 जनवरी को दूसरा और तीसरा टीका लगाया गया। तीसरे इंजेक्शन के बाद छोटू का बुखार बढ़ गया और वह अजीब हरकतें करने लगा।
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फिर 17 जनवरी को उसे आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में ले जाया गया, लेकिन दो दिन के इलाज के बाद कोई सुधार नहीं हुआ। घर लौटने के बाद हालत और बिगड़ गई। 26 जनवरी को बच्चा फिर से आगरा ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने कोई मदद नहीं की।
दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में भी मदद नहीं मिली
अंततः परिवार 27 जनवरी को बच्चे को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले गया। वहां भी डॉक्टरों ने इलाज करने से इनकार कर दिया। पिता कुंवर सिंह ने बताया कि डॉक्टरों में से किसी ने कहा, 'जहर का इंजेक्शन दो, क्योंकि जहर ही जहर को काट सकता है।'
रात में बच्चे को छुट्टी कराकर घर लाया गया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई। 1 फरवरी को छोटू की मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि इलाज में शुरुआत से ही लापरवाही हुई।
गांव में पागल कुत्तों का खतरा
सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि 7 जनवरी को उसी गांव में एक पागल कुत्ते ने भैंस को भी काट लिया था, जो दो दिन बाद मर गई। गांव में रात के समय कुत्तों का आतंक फैला हुआ है और कई घरों की छतों पर कुत्ते घूमते हैं।
आगरा में इससे पहले भी 2022 में रुदमुली गांव के 8 साल के नैतिक की मौत पागल कुत्ते के काटने से हो चुकी है। इससे जाहिर है कि इलाके में समय रहते सतर्कता और कुत्तों के नियंत्रण की आवश्यकता है।









