साउथ अफ्रीका ने टेम्बा बावुमा की कप्तानी में एक बार फिर टेस्ट मुकाबला अपने नाम कर लिया है। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में खेला गया यह टेस्ट मुकाबला साउथ अफ्रीका ने 400 से भी अधिक रनों से जीत लिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो इससे पहले किसी भी कप्तान ने नहीं किया। गुवाहाटी टेस्ट में भारत के खिलाफ साउथ अफ्रीका की 400 से अधिक रनों से जीत के साथ ही बावुमा ने टेस्ट क्रिकेट में अपने पहले 12 मुकाबलों में कोई हार न होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
टेम्बा बावुमा का अनोखा रिकॉर्ड
टेम्बा बावुमा अब तक के इतिहास में पहले कप्तान बन गए हैं जिन्होंने अपने पहले 12 टेस्ट मुकाबलों में एक भी मैच नहीं हारा। इन 12 मैचों में साउथ अफ्रीका ने 11 मुकाबले जीत और एक मैच ड्रॉ खेला। इससे पहले यह रिकॉर्ड बेन स्टोक्स और लिंडसे हैसेट के नाम था, जिन्होंने अपने पहले 12 टेस्ट मुकाबलों में 10 जीत दर्ज की थी। बावुमा ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए टीम को जीत के रथ पर बनाए रखा।
बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने न केवल टेस्ट में लगातार जीत दर्ज की है, बल्कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब भी अपने नाम किया। यह साउथ अफ्रीका के लिए लंबे समय के बाद आईसीसी खिताब जीतने की बड़ी उपलब्धि थी।
गुवाहाटी टेस्ट में भारत का सूपड़ा साफ

गुवाहाटी में खेले गए टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रन से हार का सामना कराया, जो घरेलू सरजमीं पर भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी हारों में से एक मानी जा रही है। पहले टेस्ट में भी भारत को 30 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इस सीरीज में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अपनी रणनीति, गेंदबाजी और फील्डिंग से भारत की कमियों का पूरी तरह फायदा उठाया।
टेम्बा बावुमा ने गुवाहाटी टेस्ट में कप्तान के रूप में टीम की बेहतरीन रणनीति अपनाई। उन्होंने मैच के हर मोड़ पर खिलाड़ियों को सही दिशा में निर्देशित किया। उनकी कप्तानी में स्पिन और पेस गेंदबाजों का संतुलन, बल्लेबाजों की स्थिति के अनुसार बदलाव और दबाव में सही निर्णय लेना साउथ अफ्रीका की जीत की बड़ी वजह बना।
पाकिस्तान दौरे पर नहीं थे टेम्बा बावुमा
हाल ही में साउथ अफ्रीका के पाकिस्तान दौरे के दौरान टेम्बा बावुमा चोटिल होने के कारण टीम का हिस्सा नहीं बन पाए थे। उस सीरीज में एडन मार्करम ने कप्तानी संभाली थी और साउथ अफ्रीका को एक मैच में हार का सामना करना पड़ा था। बावुमा की वापसी के बाद टीम ने फिर से जीत का सिलसिला शुरू किया और लगातार सफलताएं हासिल कीं।
साउथ अफ्रीका के लिए भारत में टेस्ट मैच जीतना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। लेकिन इस बार टीम ने भारत को पूरी तरह हराते हुए 25 साल पुराना रिकॉर्ड दोहराया, जब साल 2000 में साउथ अफ्रीका ने भारत को दो टेस्ट मैचों की सीरीज में मात दी थी। बावुमा की कप्तानी ने इस ऐतिहासिक जीत को और भी खास बना दिया।











