प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट ने 7,280 करोड़ रुपये की REPM मैन्युफैक्चरिंग योजना और पुणे मेट्रो फेज-2 को मंजूरी दी। रेल नेटवर्क विस्तार से 585 गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और क्षेत्रीय विकास व रोजगार सृजन को मजबूती मिलेगी।
Cabinet Decision: PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इनमें सबसे अहम निर्णय रेयर अर्थ परमानेंट मैगनेट (REPM) मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की 7,280 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी देना है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना भारत में 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) की इंटीग्रेटेड REPM मैन्युफैक्चरिंग स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।
इससे देश में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत ग्लोबल REPM मार्केट में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकेगा। योजना में पांच वर्षों के लिए 6,450 करोड़ रुपये के बिक्री-लिंक्ड प्रोत्साहन और 750 करोड़ रुपये की पूंजी सब्सिडी शामिल है।
पुणे मेट्रो का विस्तार
कैबिनेट ने पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-2 को भी मंजूरी दी है। इस चरण में लाइन 4 (खरडी–हडपसर–स्वरगेट–खड़कवासला) और लाइन 4A (नल स्टॉप–वारजे–मानिक बाग) को शामिल किया गया है। कुल 31.636 किलोमीटर लंबाई वाली इस लाइन में 28 एलिवेटेड स्टेशन होंगे, जो पुणे के ईस्ट, साउथ और वेस्ट क्षेत्रों के IT हब, कमर्शियल ज़ोन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स और रेजिडेंशियल क्लस्टर को जोड़ेगी।

परियोजना की अनुमानित लागत 9,857.85 करोड़ रुपये है, जिसे केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के साथ बाइलेटरल और मल्टीलेटरल फंडिंग एजेंसियों से फंड किया जाएगा। यह विस्तार पुणे की कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) का अहम हिस्सा है।
रेल प्रोजेक्ट्स में नई पहल
कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें देवभूमि द्वारका (ओखा) – कनालुस 141 किलोमीटर की लाइन का डबलिंग और बदलापुर–करजत की तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण को शामिल किया गया है। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग 2,781 करोड़ रुपये है। मल्टी-ट्रैकिंग से परिचालन क्षमता और सेवा विश्वसनीयता बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी और रेलवे संचालन अधिक सुचारू होगा। यह पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में मदद करेगा।
क्षेत्रीय प्रभाव और कनेक्टिविटी
महाराष्ट्र और गुजरात के चार जिलों में फैली ये परियोजनाएं इंडियन रेलवे के नेटवर्क को लगभग 224 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। इससे लगभग 585 गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 32 लाख है। रेल और मेट्रो प्रोजेक्ट्स से न केवल यातायात सुविधा बढ़ेगी, बल्कि औद्योगिक और रेजिडेंशियल विकास को भी मजबूती मिलेगी।










