थाईलैंड के बैंकॉक के पास एक स्कूल में 14 वर्षीय छात्र ने कथित रूप से गोलीबारी कर पांच शिक्षकों और अपने दादा-दादी की हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी की भी मौत हो गई। पुलिस हथियार और हमले के कारणों की जांच कर रही है।
बैंकॉक: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास स्थित एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, 14 वर्षीय एक छात्र ने कथित रूप से अपने घर पर दादा-दादी की हत्या करने के बाद स्कूल पहुंचकर गोलीबारी की, जिसमें पांच शिक्षकों समेत कई लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी छात्र की भी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र ने जिस 9 एमएम पिस्तौल का इस्तेमाल किया, वह उसके दादा की थी।
स्कूल में अचानक शुरू हुई गोलीबारी
यह घटना बैंकॉक के उत्तर में स्थित नोंथाबुरी इलाके के डेब्सिरिन स्कूल में हुई। स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 10 बजे के बाद स्कूल परिसर में अचानक गोली चलने की आवाजें सुनाई दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलीबारी के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। छात्र और स्कूल कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। आपातकालीन सेवाओं की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस ने लोगों से स्कूल के आसपास के क्षेत्र से दूर रहने की अपील की, ताकि जांच और राहत कार्यों में बाधा न आए।
दादा-दादी की हत्या के बाद स्कूल पहुंचा छात्र
पुलिस और अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी छात्र पहले अपने घर गया, जहां उसने कथित रूप से अपने दादा-दादी को गोली मार दी। इसके बाद वह स्कूल पहुंचा और वहां शिक्षकों को निशाना बनाया। जांच अधिकारियों ने बताया कि इस्तेमाल किया गया हथियार छात्र के दादा का था। पुलिस को आरोपी के पास अतिरिक्त गोलियां भी मिलीं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र ने यह हमला क्यों किया।
पांच शिक्षकों की मौत, कई घायल
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, स्कूल में हुई गोलीबारी में पांच शिक्षकों की मौत हुई है। इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना में आरोपी छात्र के दादा-दादी की भी मौत हुई। पुलिस के अनुसार, हमले के बाद छात्र ने खुद को गोली मार ली और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। कुल मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती जानकारी में अंतर सामने आया, लेकिन अधिकारियों ने बाद में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि स्कूल में मारे गए लोगों में अधिकतर शिक्षक शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शी छात्रा ने बताया भयावह अनुभव
एक छात्रा ने घटना को याद करते हुए बताया कि वह अपनी शिक्षिका के पास खड़ी थी, तभी हमलावर वहां पहुंचा और गोली चला दी। उसने बताया कि अचानक हुई गोलीबारी के बाद उसे कुछ समझ नहीं आया और वह अपने दोस्तों के साथ स्कूल की दीवार पार कर बाहर निकलने में सफल रही। छात्रा ने कहा कि उस समय उसे लगा कि शायद वह अपने परिवार से दोबारा नहीं मिल पाएगी। इस घटना ने स्कूल में मौजूद छात्रों और कर्मचारियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

आरोपी छात्र के बारे में सामने आई जानकारी
थाई अधिकारियों के अनुसार, आरोपी छात्र पढ़ाई में अच्छा था और स्कूल में उसकी छवि एक सामान्य छात्र की थी। एक शिक्षक ने बताया कि वह आक्रामक व्यवहार के लिए पहले से जाना नहीं जाता था। उप गृह मंत्री ने बताया कि पुलिस जांच में छात्र के घर से कुछ डिजिटल सामग्री भी मिली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, छात्र वीडियो गेम खेलने का शौकीन था, हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इसका घटना से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
थाईलैंड में हथियार कानूनों पर फिर बहस
इस घटना के बाद थाईलैंड में हथियार नियंत्रण कानूनों को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में हथियार रखने पर नियम मौजूद हैं, लेकिन अवैध हथियारों तक पहुंच अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया के उन देशों में शामिल है, जहां निजी हथियार रखने की दर अपेक्षाकृत अधिक है। इससे पहले भी देश में गोलीबारी की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विपक्षी नेताओं ने सरकार से हथियार कानूनों की समीक्षा करने और स्कूलों जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है।
पहले भी हो चुकी हैं स्कूल हिंसा की घटनाएं
थाईलैंड में स्कूलों में गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। इससे पहले इसी साल दक्षिणी थाईलैंड में एक स्कूल परिसर में गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक प्रधानाचार्य और एक छात्रा की मौत हुई थी। वर्ष 2022 में भी थाईलैंड के नोंग बुआ लाम्फू प्रांत में एक भयावह हमला हुआ था, जिसमें 37 लोगों की मौत हुई थी। इनमें बड़ी संख्या छोटे बच्चों की थी।
पुलिस जांच में जुटी
रॉयल थाई पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस हमले के कारण, हथियार की उपलब्धता और आरोपी की मानसिक स्थिति सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ पाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की चुनौतियां
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल सुरक्षा, हथियार नियंत्रण और युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल हथियारों पर नियंत्रण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, परिवारिक माहौल और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है। थाईलैंड सरकार पर अब यह दबाव बढ़ गया है कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए और शैक्षणिक संस्थानों को बच्चों तथा शिक्षकों के लिए अधिक सुरक्षित बनाए।










