ठाकरे भाइयों के गठबंधन पर फडणवीस का हमला, कहा- यह मजबूरी की राजनीति है

ठाकरे भाइयों के गठबंधन पर फडणवीस का हमला, कहा- यह मजबूरी की राजनीति है

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि इसे ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे रूस और यूक्रेन साथ आ गए हों। फडणवीस ने इसे अस्तित्व की लड़ाई बताया।

Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत राज्य के 29 नगर निगमों के चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे भाइयों के गठबंधन पर तीखा तंज कसते हुए इसे अस्तित्व की लड़ाई करार दिया है।

फडणवीस ने साफ कहा कि इस गठबंधन का स्थानीय निकाय चुनावों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में लोग विकास कार्यों को देखकर ही वोट देंगे और महायुति को समर्थन मिलेगा।

‘रूस-यूक्रेन’ वाली तुलना क्यों

ठाकरे भाइयों के एक मंच पर आने को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे रूस और यूक्रेन एक साथ आ गए हों और जेलेंस्की और पुतिन बातचीत कर रहे हों।

इस बयान के जरिए फडणवीस ने संकेत दिया कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन स्वाभाविक नहीं बल्कि राजनीतिक मजबूरी का नतीजा है। उनका कहना था कि यह कोई ऐतिहासिक मेल नहीं है, बल्कि हार के डर से उठाया गया कदम है।

अस्तित्व की लड़ाई का आरोप

देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे भाइयों के गठबंधन को सीधे तौर पर अस्तित्व बचाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ही दल अपनी राजनीतिक पहचान खो चुके हैं और जनता का भरोसा उन पर नहीं रहा।

मुख्यमंत्री के मुताबिक यह गठबंधन विचारधारा पर नहीं, बल्कि मजबूरी पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जब कोई पार्टी अकेले चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं होती, तब ऐसे गठबंधन सामने आते हैं।

भरोसे की राजनीति बनाम तुष्टीकरण

फडणवीस ने ठाकरे भाइयों की पार्टियों पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से इन दलों ने अपना पारंपरिक वोट बैंक खो दिया है।

उनका दावा था कि मराठी मानुष अब भी महायुति के साथ खड़ा है, क्योंकि लोगों ने जमीन पर विकास कार्य होते देखे हैं। सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और शहरी सुविधाओं में जो बदलाव आया है, उसी के आधार पर जनता फैसला करेगी।

मुंबई पर भरोसे का दावा

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मुंबई का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई के लोग जानते हैं कि किसने शहर के विकास के लिए काम किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुंबई एक बार फिर महायुति के साथ खड़ी रहेगी।

Leave a comment