तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे साफ हो चुके हैं। राज्य में TVK सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसके बाद आज मंगलवार को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की बैठक हुई।
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। इसी बीच मंगलवार को हुई पार्टी की अहम बैठक में TVK प्रमुख विजय को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकार गठन को लेकर जोड़-तोड़ और गठबंधन की संभावनाएं तेजी से चर्चा में हैं।
विजय बने TVK विधायक दल के नेता, संगठन में एकजुटता का संदेश
TVK की उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी नेतृत्व ने सर्वसम्मति से अभिनेता से राजनेता बने विजय को विधायक दल का नेता चुना। बैठक में पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं ने इस निर्णय का समर्थन किया और इसे संगठन की एकता का प्रतीक बताया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विजय का नेतृत्व आने वाले राजनीतिक फैसलों और सरकार गठन की प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन और बहुमत को लेकर हुई। TVK ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी स्थिति में “हाथ फैलाकर समर्थन नहीं मांगेगी”। पार्टी के रुख के अनुसार:
- सरकार गठन के लिए किसी दल के सामने समझौता नहीं किया जाएगा
- समर्थन की प्रक्रिया पूरी तरह “स्वाभाविक और विचार आधारित” होगी
- केवल समान विचारधारा वाले दलों से ही बातचीत की जाएगी
TVK नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी आत्मसम्मान और सिद्धांतों के आधार पर राजनीति करेगी और किसी भी तरह के दबाव में निर्णय नहीं लेगी।

गठबंधन पर खुलापन, लेकिन शर्तों के साथ
हालांकि TVK ने यह भी स्पष्ट किया कि वह गठबंधन की राजनीति के खिलाफ नहीं है। पार्टी ने कहा कि जो दल TVK का समर्थन करेंगे, उन्हें सरकार में उचित प्रतिनिधित्व और अधिकार देने में कोई आपत्ति नहीं होगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को गठबंधन से जुड़ी चर्चाओं की जिम्मेदारी दी गई है, जो अन्य राजनीतिक दलों से संवाद करेंगे।
TVK ने राज्यपाल को पत्र भेजकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। पार्टी की ओर से भेजे गए ई-मेल में कहा गया है कि चूंकि TVK राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसलिए उसे सरकार गठन का अवसर दिया जाना चाहिए। पार्टी ने विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए समय भी मांगा है, जिसमें लगभग दो सप्ताह की अवधि शामिल बताई जा रही है।










