तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: दिल्ली में राहुल गांधी और कनिमोई की मुलाकात, सीट शेयरिंग पर नहीं बनी सहमति

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: दिल्ली में राहुल गांधी और कनिमोई ने अहम बैठक की। सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन सकी। जानिए आगे की रणनीति और राजनीतिक हलचल।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोई के बीच बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन के अहम मुद्दों पर कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। 

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोई के बीच बुधवार को दिल्ली में मुलाकात हुई। हालांकि, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन के अहम मुद्दों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में दोनों नेताओं ने राजनीतिक और संगठनात्मक मसलों पर चर्चा की, जिन्हें आगे सुलझाया जाना है।

सीट बंटवारे को लेकर कोई ठोस बातचीत नहीं हुई और न ही कांग्रेस को मिलने वाली सीटों की संख्या पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने कनिमोई से कहा कि सीटों के डिस्कशन के लिए कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा चुनी गई टीम आगे बातचीत करेगी। फिलहाल डीएमके कांग्रेस के लिए सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा करने के पक्ष में नहीं दिख रही है।

बैठक के मुख्य बिंदु

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और कनिमोई की यह मुलाकात गठबंधन की रणनीति और आगामी चुनाव में सहयोग पर चर्चा के लिए रखी गई थी। हालांकि, बैठक के दौरान कांग्रेस की सत्ता में भागीदारी की मांग और सीटों के बंटवारे को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। राहुल गांधी ने इस दौरान कनिमोई को स्पष्ट किया कि सीट डिस्कशन कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा चुनी गई टीम द्वारा किया जाएगा। डीएमके की ओर से फिलहाल यह संकेत नहीं मिला कि वह कांग्रेस के लिए सीटों की संख्या में बढ़ोतरी करने के पक्ष में है।

कांग्रेस ने पहले ही यह स्पष्ट किया है कि अगर अगला विधानसभा चुनाव जीतकर गठबंधन दोबारा सत्ता में लौटता है, तो वह सरकार में हिस्सेदारी की मांग करेगी। कांग्रेस का कहना है कि उसे केवल चुनावी सहयोग नहीं, बल्कि सत्ता में प्रभाव और भागीदारी भी चाहिए। डीएमके की तरफ से फिलहाल इस मांग पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, यह माना जाता है कि डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के साथ राहुल गांधी के रिश्ते अच्छे हैं, जिससे गठबंधन के बीच बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल बना है।

पिछली सीट बंटवारे की पृष्ठभूमि

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को डीएमके गठबंधन के तहत 25 सीटें दी गई थीं। इस बार भी कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट देने की डीएमके की तरफ से पहले ही प्रतिबद्धता जताई गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट बंटवारे की बातचीत अगले कुछ हफ्तों में पूरी होने की संभावना है। इसके लिए दोनों पक्षों की टीमों को राजनीतिक समीकरण और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वार्ता करनी होगी।

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