इस हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार माना जा रहा है। सुबह चार बजे हुए इस दुर्घटना में स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल पाए। पुलिस को बाद में सूचना दी गई। गाड़ी अभी भी सड़क किनारे पड़ी है।
Chittorgarh: भीलवाड़ा से चित्तौड़गढ़ की ओर जा रही कार शनिवार तड़के गंगरार टोल पार कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। जैसे ही कार टोल पार कर गंगरार क्षेत्र में पहुंची, हल्का मोड़ आते ही ड्राइवर गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा। कार सड़क के किनारे लगे बिजली के पोल की ओर बढ़ी और जोरदार टक्कर लगी।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार चार बार पलटी खा गई। हर पलटी के साथ कार और अधिक क्षतिग्रस्त होती चली गई। गाड़ी के शीशे टूट गए और बॉडी पूरी तरह चकनाचूर हो गई। यह देखकर ही यह कहा जा सकता है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि कार में सवार लोग सुरक्षित रहे।
स्थानीय लोगों ने बचाई जानें
हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास हाइवे के होटलों में रहने वाले लोग तुरंत बाहर आए। उन्होंने तुरंत कार के पास पहुंचकर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
कार में कुल चार लोग सवार थे। सभी को मामूली चोटें आईं, लेकिन कोई गंभीर चोट या मौत नहीं हुई। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया।
ओवरस्पीड को बताया हादसे का मुख्य कारण
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बताया कि हादसे का मुख्य कारण कार की तेज रफ्तार थी। कार के सवार हादसे के बाद वहां से चले गए और दोबारा मौके पर वापस नहीं आए। पुलिस को बाद में इस घटना की सूचना मिली।
हादसे के बाद सड़क किनारे गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पड़ी रही। स्थानीय लोगों ने कहा कि गंगरार क्षेत्र में अक्सर कारें तेज रफ्तार में गुजरती हैं, जिससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
चार लोग सुरक्षित
सड़क हादसे में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों को सामने ला दिया।
पुलिस अब घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा कर रही है। गाड़ी अभी भी रोड किनारे पड़ी हुई है और उसकी मरम्मत या हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।










