ट्रेंट रॉकेट्स ने पहली बार जीता महिला हंड्रेड खिताब, सनराइजर्स लीड्स को 8 विकेट से हराया

THe hundred 2026 फाइनल: ट्रेंट रॉकेट्स ने महिला हंड्रेड फाइनल में सनराइजर्स लीड्स को 8 विकेट से हराकर पहली बार खिताब जीता। सनराइजर्स 91 रन पर ऑलआउट हुई।

ट्रेंट रॉकेट्स ने महिला हंड्रेड फाइनल में सनराइजर्स लीड्स को आठ विकेट से हराकर पहली बार खिताब जीता। सनराइजर्स 91 रन पर ऑलआउट हुई, जिसके बाद सोफिया डंकली के 41 और बेथ मूनी के नाबाद 31 रन से रॉकेट्स ने लक्ष्य हासिल किया।

The Hundred Final: ट्रेंट रॉकेट्स ने द हंड्रेड महिला प्रतियोगिता में इतिहास रचते हुए पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में ट्रेंट रॉकेट्स ने सनराइजर्स लीड्स को एकतरफा मुकाबले में 8 विकेट से हराया। सनराइजर्स की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 91 रन पर ऑलआउट हो गई, जिसके बाद रॉकेट्स ने लक्ष्य को सिर्फ 54 गेंदों में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

ट्रेंट रॉकेट्स की इस जीत में इंग्लैंड की सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी ने अहम भूमिका निभाई। डंकली ने 23 गेंदों पर 41 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि मूनी 21 गेंदों में 31 रन बनाकर नाबाद रहीं। रॉकेट्स ने शानदार गेंदबाजी के बाद लक्ष्य का बेहद आसानी से पीछा किया और 46 गेंद शेष रहते फाइनल जीत लिया।

सनराइजर्स की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ाई

फाइनल में सनराइजर्स लीड्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम पावरप्ले के अंत तक 26 रन पर 3 विकेट गंवा चुकी थी। शुरुआती झटकों से सनराइजर्स की बल्लेबाजी दबाव में आ गई और टीम पूरे मुकाबले में कभी भी मजबूत स्थिति में नहीं पहुंच सकी।

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे टीम को संभाल नहीं सके। फोएबे लिचफील्ड 10 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने चार्ली फिलिप्स की गेंद पर रैंप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉर्ट फाइन लेग पर कैच दे बैठीं।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की एक और प्रमुख खिलाड़ी एनाबेल सदरलैंड ने 25 रन बनाए। उन्हें जॉर्जिया एडम्स ने स्टंप कराया। सनराइजर्स की बल्लेबाजी इन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों से बड़े योगदान की उम्मीद कर रही थी, लेकिन उनके जल्दी आउट होने से टीम की मुश्किलें बढ़ती गईं।

कप्तान डैनी गिब्सन ने संभालने की कोशिश की

सनराइजर्स की कप्तान डैनी गिब्सन ने पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने 16 गेंदों पर 22 रन बनाए, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। गिब्सन के आउट होते ही सनराइजर्स की बड़ी साझेदारी बनाने और सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई।

अंत में सनराइजर्स लीड्स की पूरी टीम 91 रन पर सिमट गई। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में इतना कम स्कोर ट्रेंट रॉकेट्स के लिए बेहद आसान लक्ष्य साबित हुआ।

रॉकेट्स के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन

ट्रेंट रॉकेट्स की जीत की नींव उनके गेंदबाजों ने रखी। पूरी गेंदबाजी इकाई ने अनुशासित प्रदर्शन किया और सनराइजर्स के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

जॉर्जिया एडम्स रॉकेट्स की सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट सिर्फ 9 रन देकर हासिल किए। चार्ली फिलिप्स ने भी अपनी तेज और असामान्य गेंदबाजी शैली से बल्लेबाजों को परेशान किया और 12 रन देकर 2 विकेट लिए।

खास तौर पर फिलिप्स का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। 23 वर्षीय घरेलू इंग्लिश तेज गेंदबाज ने पावरप्ले में गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली और लिचफील्ड को आउट कर टीम को शुरुआती बड़ी सफलता दिलाई। बाद में उन्होंने भारत की विश्व कप विजेता खिलाड़ी दीप्ति शर्मा को भी सिर्फ 12 रन पर बोल्ड कर दिया।

सोफिया डंकली ने तेज पारी से दिलाई जीत

91 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ट्रेंट रॉकेट्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। इंग्लैंड की सोफिया डंकली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए केवल 23 गेंदों में 41 रन बनाए।

डंकली की पारी में आक्रामक स्ट्रोक और तेज रन गति देखने को मिली। उन्होंने सनराइजर्स के गेंदबाजों को दबाव में रखा और रॉकेट्स को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डंकली के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेथ मूनी ने पारी को आगे बढ़ाया। मूनी ने 21 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाए और टीम को आसानी से जीत तक पहुंचाया।

46 गेंद पहले खत्म हुआ फाइनल

ट्रेंट रॉकेट्स ने 92 रन के लक्ष्य को सिर्फ 54 गेंदों में हासिल कर लिया। इस तरह टीम के पास 46 गेंद शेष थीं। रॉकेट्स ने केवल दो विकेट गंवाए और मुकाबला पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा।

फाइनल में जिस तरह से रॉकेट्स ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में दबदबा बनाया, उससे मुकाबला बेहद एकतरफा हो गया। सनराइजर्स की टीम ने शुक्रवार को एलिमिनेटर में साउदर्न ब्रेव को आराम से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में वह उसी लय को कायम नहीं रख सकी।

पहली बार महिला हंड्रेड फाइनल में पहुंची थी रॉकेट्स

ट्रेंट रॉकेट्स की महिला टीम के लिए यह खिताबी जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम इससे पहले कभी महिला हंड्रेड के फाइनल में नहीं पहुंची थी। ग्रुप चरण में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद रॉकेट्स सीधे फाइनल में पहुंची थी।

सीधे फाइनल में पहुंचने के कारण टीम को एक अतिरिक्त ब्रेक मिला था, जबकि सनराइजर्स ने फाइनल से केवल दो दिन पहले एलिमिनेटर मुकाबला खेला था। हालांकि, फाइनल के दौरान इस अंतर का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया।

रॉकेट्स ने मैच के हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन किया और यह साबित किया कि नियमित सत्र में शीर्ष पर रहना महज संयोग नहीं था।

रॉकेट्स की ऑलराउंड ताकत बनी सबसे बड़ी वजह

इस सीजन में ट्रेंट रॉकेट्स की सबसे बड़ी ताकत उसका संतुलित प्रदर्शन रहा। जहां सनराइजर्स लीड्स काफी हद तक फोएबे लिचफील्ड और एनाबेल सदरलैंड जैसी स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर रही, वहीं रॉकेट्स ने टीम के लगभग हर विभाग से योगदान हासिल किया।

गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलिया की अनकैप्ड स्पिनर सैम बेट्स ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। वह प्रतियोगिता की संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं और उनके नाम 13 विकेट रहे। उनका गेंदबाजी औसत 14.46 रहा।

चार्ली फिलिप्स ने भी घरेलू इंग्लिश खिलाड़ी के रूप में शानदार प्रदर्शन किया। विदेशी खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने के बावजूद फिलिप्स ने अपनी क्षमता साबित की और फाइनल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सोफिया डंकली का शानदार टूर्नामेंट

सोफिया डंकली ने भी पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। वह प्रतियोगिता में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर रहीं।

खास बात यह रही कि डंकली ने शीर्ष बल्लेबाजों की तुलना में एक कम पारी खेलकर यह स्थान हासिल किया। फाइनल में उनकी 41 रन की पारी ने उनकी शानदार फॉर्म को एक बार फिर सामने रखा।

उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने रॉकेट्स को मुश्किल परिस्थितियों में भी तेजी से रन बनाने में मदद की और फाइनल में भी उन्होंने लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया।

ट्रेंट रॉकेट्स के पास डबल का मौका

महिला खिताब जीतने के बाद ट्रेंट रॉकेट्स के पास उसी दिन पुरुष और महिला दोनों वर्गों की ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बनने का मौका था।

महिला टीम ने सनराइजर्स लीड्स को हराकर पहला खिताब जीत लिया था। इसके बाद पुरुष टीम का फाइनल मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के खिलाफ होना था। ऐसे में रॉकेट्स के पास द हंड्रेड के इतिहास में एक खास उपलब्धि दर्ज कराने का अवसर था।

महिला टीम की जीत ने क्लब के लिए दिन की शानदार शुरुआत की और अब पुरुष टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिक गईं।

शानदार अभियान का यादगार अंत

ट्रेंट रॉकेट्स की महिला टीम ने पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता और संतुलन के दम पर खिताब हासिल किया। ग्रुप चरण में शीर्ष पर रहने के बाद टीम ने फाइनल में भी दबदबा कायम रखा।

सनराइजर्स लीड्स की 91 रन की पारी के बाद रॉकेट्स ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल किया। डंकली और मूनी की बल्लेबाजी तथा एडम्स और फिलिप्स की गेंदबाजी ने टीम को एकतरफा जीत दिलाई।

आठ विकेट की यह जीत ट्रेंट रॉकेट्स के महिला हंड्रेड इतिहास का पहला खिताब है। पूरे टूर्नामेंट में टीम के संतुलित प्रदर्शन को देखते हुए यह ट्रॉफी उसके अभियान का शानदार और पूरी तरह योग्य अंत मानी जा सकती है।

Leave a comment