BRICS देशों की बढ़ती सक्रियता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला द सिलवा ने फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी, ग्लोबल साउथ के हितों और UNSC सुधार पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
World News: दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत और ब्राजील के रिश्तों को नई मजबूती मिलती दिख रही है। इसी क्रम में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला द सिलवा के बीच एक अहम टेलीफोन बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब BRICS देशों की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं और अमेरिका की नीतियों को लेकर भी अलग-अलग मंचों पर सवाल उठ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में ब्राजील के राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया जाना राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत की सक्रिय कूटनीति
वर्तमान समय में दुनिया कई स्तरों पर अस्थिरता से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत खुद को एक स्थिर और भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में यूरोप के साथ बड़े Trade Deal की घोषणा कर भारत ने वैश्विक बाजारों में टैरिफ के दबाव को कम करने का संकेत दिया था। अब ब्राजील जैसे BRICS देश के साथ उच्चस्तरीय संवाद इस बात को दर्शाता है कि भारत ग्लोबल साउथ की एकजुटता को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला की बातचीत इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें विकासशील देशों के साझा हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
टेलीफोन बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान इस बात पर सहमति बनी कि आने वाले समय में दोनों देश अपने सहयोग को और गहरा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील के संबंधों में इस समय मजबूत गति देखने को मिल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने की पूरी क्षमता रखती है। बातचीत में यह भी स्पष्ट हुआ कि दोनों देश राजनीतिक, आर्थिक और बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ग्लोबल साउथ के साझा हितों पर जोर
इस बातचीत का एक अहम पहलू ग्लोबल साउथ के देशों के साझा हितों को आगे बढ़ाने पर सहमति रहा। दोनों नेताओं ने माना कि विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंचों पर और मजबूत करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भारत और ब्राजील का करीबी सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि दोनों देश मिलकर विकास, शांति और संतुलित वैश्विक व्यवस्था की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार पर सहमति
बातचीत के दौरान भारत और ब्राजील ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार के मुद्दे पर मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई। दोनों देशों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार बेहद जरूरी हो गया है।
नेताओं ने कहा कि एक सुधरी हुई और अधिक प्रतिनिधित्व वाली बहुपक्षीय व्यवस्था ही आज की साझा चुनौतियों से निपटने में सक्षम हो सकती है। यह रुख भारत और ब्राजील दोनों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुरूप है।
गाजा में शांति और बहुपक्षीय व्यवस्था का समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला ने गाजा में शांति की आवश्यकता पर भी चर्चा की और बहुपक्षीय व्यवस्था के समर्थन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा वैश्विक तनावों के बीच शांति और संवाद का रास्ता ही सबसे प्रभावी समाधान है।
उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में स्थिरता बहाल करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
PM मोदी का सोशल मीडिया संदेश
इस बातचीत की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने लिखा कि भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी में बनी मजबूत गति की समीक्षा की गई है, जो आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए भारत और ब्राजील का करीबी सहयोग बेहद अहम है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति लूला को जल्द भारत आने का आमंत्रण देने के संकेत भी दिए।










