तुलसी कुमार ने वैष्णो देवी में निभाई सेवा परंपरा, गुलशन कुमार की विरासत को किया आगे, भंडारे में भक्तों को बांटा प्रसाद

गायिका तुलसी कुमार ने माता वैष्णो देवी धाम में सेवा परंपरा निभाते हुए भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। उन्होंने अपने पिता और टी-सीरीज़ संस्थापक

प्रसिद्ध गायिका तुलसी कुमार हाल ही में जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र धाम वैष्णो देवी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने न सिर्फ माता के दर्शन किए बल्कि अपने परिवार द्वारा वर्षों से चलाए जा रहे भंडारे में सेवा भी की। इस दौरान उन्होंने भक्तों को प्रसाद वितरित किया और सेवा कार्य में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: Tulsi Kumar अपनी धार्मिक आस्था के लिए भी जानी जाती हैं और वे अक्सर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाती रहती हैं। अपने पिता Gulshan Kumar की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनकी श्रद्धा Vaishno Devi के प्रति गहरी मानी जाती है। हाल ही में तुलसी कुमार एक बार फिर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचीं, जहां उन्होंने न केवल पूजा-अर्चना की बल्कि वहां चल रहे पारिवारिक भंडारे में भी सक्रिय रूप से सेवा की। उन्होंने भक्तों को प्रसाद वितरण में हिस्सा लिया और सेवा भाव के साथ आयोजन में सहयोग किया।

गुलशन कुमार की 43 साल पुरानी सेवा परंपरा

तुलसी कुमार ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह भंडारा उनके पिता और टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार द्वारा लगभग 43 साल पहले शुरू किया गया था। यह सेवा आज भी उसी श्रद्धा, समर्पण और निःस्वार्थ भावना के साथ जारी है। गुलशन कुमार भारतीय संगीत उद्योग के साथ-साथ अपनी गहरी धार्मिक आस्था के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने वैष्णो देवी धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की शुरुआत की थी, जो आज हजारों भक्तों के लिए भोजन और सेवा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

तुलसी कुमार ने भावुक शब्दों में कहा कि पिता के दिखाए मार्ग पर चलते हुए उनका परिवार इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है और सेवा के इस कार्य को जारी रखना उनके लिए गर्व की बात है।

वैष्णो देवी यात्रा और सेवा भाव

कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भंडारे और सेवा केंद्र यात्रियों के लिए बड़ी राहत का माध्यम बनते हैं। गुलशन कुमार द्वारा शुरू किया गया यह भंडारा आज भी यात्रियों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराता है। तुलसी कुमार की इस पहल ने एक बार फिर इस बात को उजागर किया है कि कैसे प्रसिद्ध हस्तियां भी सामाजिक और धार्मिक सेवा कार्यों से जुड़कर परंपराओं को जीवित रख रही हैं।

गुलशन कुमार न केवल एक सफल संगीत निर्माता थे, बल्कि माता वैष्णो देवी के बड़े भक्त भी माने जाते थे। कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवन में कई बार तीर्थ यात्रियों की सेवा को प्राथमिकता दी और भंडारे जैसी व्यवस्थाओं को समर्थन दिया। उनकी असामयिक मृत्यु के बाद भी परिवार ने इस सेवा परंपरा को समाप्त नहीं होने दिया। तुलसी कुमार और उनका परिवार आज भी उसी भावना के साथ इस कार्य को आगे बढ़ा रहा है।

गुलशन कुमार का जीवन 

टी-सीरीज की नींव रखने वाले गुलशन कुमार ने भारतीय संगीत उद्योग में बड़ा योगदान दिया। हालांकि उनका जीवन बेहद दुखद अंत के साथ समाप्त हुआ, जब मुंबई में उनकी हत्या कर दी गई थी। यह घटना अंडरवर्ल्ड से जुड़े विवादों और फिरौती मांगने के मामलों से जुड़ी बताई जाती है। इसके बावजूद उनकी पहचान आज भी एक ऐसे व्यक्ति के रूप में है, जिन्होंने संगीत, भक्ति और सेवा—तीनों को एक साथ जोड़ा।

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