झारखंड में भाजपा ने संगठन का जनाधार बढ़ाने के लिए पुराने नेताओं की वापसी और नए सदस्यों को शामिल करने की प्रक्रिया तेज की है। बोकारो, हजारीबाग और सरायकेला-खरसावां के नेताओं के साथ हरेलाल महतो भी पार्टी में शामिल हुए हैं।
रांची: झारखंड भाजपा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन के विस्तार पर जोर दे रही है। पार्टी ने हाल के दिनों में बोकारो, हजारीबाग और सरायकेला-खरसावां के कई नेताओं को सदस्यता दिलाई है। आजसू छोड़कर आए हरेलाल महतो के शामिल होने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा, पूर्व भाजपा नेता मिसिर कुजूर की घर वापसी को लेकर चर्चा जारी है।
झारखंड भाजपा में पुराने नेताओं की वापसी, नए चेहरों को भी मौका
झारखंड में भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन का विस्तार करने और विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए दूसरे दलों के नेताओं को शामिल कर रही है। इस प्रक्रिया में उन नेताओं की भी वापसी हो रही है, जो पहले भाजपा से जुड़े थे, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर दूसरे राजनीतिक संगठनों में चले गए थे।
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बोकारो की परिंदा सिंह, हजारीबाग की कुमकुम सिंह और सरायकेला-खरसावां के खगेन महतो को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इन नेताओं का पहले भी भाजपा से जुड़ाव रहा है, इसलिए उनकी वापसी को संगठन के लिए अहम माना जा रहा है।
इससे पहले रविवार को आजसू छोड़ चुके हरेलाल महतो भाजपा में शामिल हुए थे। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। कोल्हान क्षेत्र में कुड़मी समाज के बीच हरेलाल महतो की राजनीतिक पकड़ को देखते हुए उनके प्रवेश को क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अन्य दलों के नेताओं को शामिल करने की तैयारी
भाजपा में नए नेताओं को शामिल करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी मिल चुकी है। नवरात्र के बाद दूसरे दलों के कुछ प्रमुख नेताओं को भी पार्टी में शामिल कराया जा सकता है।
संगठन की तैयारियों और आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए पार्टी के झारखंड प्रभारी गजेंद्र सिंह 14 अक्टूबर को रांची पहुंचेंगे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह के भी रांची आने और पार्टी नेताओं के साथ बैठक करने का कार्यक्रम है।
इन दौरों के दौरान संगठन विस्तार और नए नेताओं को शामिल करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, अन्य दलों के नेताओं के भाजपा में शामिल होने को लेकर अभी अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
मिसिर कुजूर की वापसी पर भी चर्चा
गुमला क्षेत्र में सक्रिय आदिवासी नेता मिसिर कुजूर की भाजपा में वापसी को लेकर भी बातचीत चल रही है। वह पिछले चुनाव से पहले पार्टी छोड़ गए थे। अब उन्हें दोबारा संगठन में शामिल करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
इस संबंध में अंतिम स्थिति पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और संगठनात्मक चर्चा के बाद स्पष्ट हो सकती है।
भाजपा का यह प्रयास झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संगठन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। गिरिडीह उपचुनाव से पहले नेताओं के पार्टी में शामिल होने की घटनाओं को भी इसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।









