South Korea national badminton team ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए गत विजेता China national badminton team को 3-1 से हराकर Uber Cup का खिताब अपने नाम कर लिया। यह टीम का तीसरा Uber Cup खिताब है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: बैडमिंटन की सबसे प्रतिष्ठित टीम प्रतियोगिताओं में से एक Uber Cup 2026 का खिताब दक्षिण कोरिया ने अपने नाम कर लिया है। फाइनल में मौजूदा चैंपियन चीन को 3-1 से हराकर दक्षिण कोरिया ने तीसरी बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन कोरियाई खिलाड़ियों ने निर्णायक पलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मैच अपने पक्ष में कर लिया।
शानदार शुरुआत: एन से-यंग ने दिलाई बढ़त
फाइनल की शुरुआत दक्षिण कोरिया के लिए बेहद मजबूत रही। वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी An Se-young ने चीन की वांग झीयी को सीधे सेटों में 21-10, 21-13 से हराकर टीम को बढ़त दिलाई। यह मुकाबला 47 मिनट चला, जिसमें एन से-यंग ने अपनी तेज रफ्तार, सटीक स्मैश और बेहतरीन डिफेंस से खेल पर पूरी पकड़ बनाए रखी। इस जीत ने दक्षिण कोरिया को शुरुआती मनोवैज्ञानिक बढ़त दिलाई।
चीन ने जल्दी ही जवाबी हमला किया। वर्ल्ड नंबर 1 डबल्स जोड़ी लियू शेंगशू और टैन निंग ने जियोंग ना-यून और ली सो-ही को 21-15, 21-12 से हराकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। यह मैच 53 मिनट तक चला, जिसमें चीनी जोड़ी ने अपनी अनुभव और तालमेल का शानदार प्रदर्शन किया।
किम गा-यून का बड़ा पलटवार

इसके बाद दूसरे सिंगल्स मुकाबले में दक्षिण कोरिया की Kim Ga-eun ने बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने चीन की स्टार खिलाड़ी चेन युफेई को 21-19, 21-15 से हराकर अपनी टीम को फिर से बढ़त दिलाई। यह मुकाबला 55 मिनट तक चला, जिसमें किम गा-यून ने दबाव में शांत रहकर महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और मैच का रुख बदल दिया।
फाइनल का सबसे अहम और निर्णायक मुकाबला डबल्स में खेला गया, जहां बेक हा-ना और किम हे-जियोंग की जोड़ी ने शानदार वापसी की। पहला गेम 16-21 से हारने के बाद, कोरियाई जोड़ी ने जबरदस्त वापसी की और अगले दोनों गेम 21-10 और 21-13 से जीतकर 85 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया। इसी जीत के साथ दक्षिण कोरिया ने 3-1 से मुकाबला जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया।
दक्षिण कोरिया का ऐतिहासिक प्रदर्शन
दक्षिण कोरिया इससे पहले भी दो बार Uber Cup जीत चुका है:
- 2010 (कुआलालंपुर)
- 2022 (बैंकॉक)
इन दोनों फाइनल में भी दक्षिण कोरिया ने चीन को हराया था, जिससे यह प्रतिद्वंद्विता और भी ऐतिहासिक बन गई है। इस बार भी टीम ने दबाव में शानदार संयम दिखाते हुए अपना तीसरा खिताब हासिल किया।









