उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव के बीच शहर की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वंचित बहुजन आघाड़ी से निर्वाचित दो नगरसेवकों ने शिवसेना (शिंदे गुट) को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।
मुंबई: महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव के बीच बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। वंचित बहुजन आघाड़ी से निर्वाचित दो नगरसेवकों ने औपचारिक रूप से शिवसेना (शिंदे गुट) को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। इस कदम से महानगरपालिका के सियासी समीकरण बदल गए हैं और शिंदे गुट की स्थिति पहले से मजबूत होती नजर आ रही है।
एकनाथ शिंदे से मुलाकात में सौंपा समर्थन पत्र
नगरसेवक विकास खरात और नगरसेविका सुरेखा सोनावणे ने मुंबई में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिंदे गुट के प्रमुख एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने औपचारिक रूप से समर्थन पत्र सौंपा और अपने फैसले की जानकारी दी। मुलाकात के समय कल्याण-डोंबिवली से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे भी मौजूद थे। बैठक में स्थानीय विकास, प्रभाग की समस्याओं और आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
नगरसेवकों का कहना है कि यह निर्णय उन्होंने अपने-अपने प्रभाग के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर लिया है। उनका मानना है कि शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ आने से इलाके में विकास कार्यों को तेजी मिलेगी। विशेष रूप से दलित बस्ती सुधार योजना के तहत बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, नालियों और अन्य आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विकास खरात ने कहा, हमने यह फैसला अपने क्षेत्र के नागरिकों के हित को देखते हुए किया है। शिंदे गुट के साथ जुड़ने से स्थानीय विकास कार्य तेज होंगे और जनता को सीधे लाभ मिलेगा।

स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में ऐतिहासिक घोषणा
इस मौके पर स्थानीय विधायक डॉ. बालाजी किणीकर, पूर्व नगराध्यक्ष सुनील चौधरी, नगरसेवक योगेश जानकर, और शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता राहुल लोंढे भी मौजूद थे। सभी नेताओं ने इस समर्थन का स्वागत किया और कहा कि इससे उल्हासनगर के विकास को नई दिशा मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम शिंदे गुट के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। नगरसेवकों के इस समर्थन से न केवल उनकी संख्या बढ़ी है, बल्कि आगामी चुनावों में अन्य नेताओं के पाला बदलने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
उल्हासनगर महानगरपालिका में शिंदे गुट पहले से मजबूत स्थिति में है, लेकिन वंचित बहुजन आघाड़ी के दो नगरसेवकों के समर्थन से अब उनका प्रभाव और बढ़ जाएगा। आगामी चुनावी समीकरणों पर इस घटनाक्रम का महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है।











