यूपी में दोपहिया खरीदारों को नहीं मिल रहा मुफ्त हेलमेट, बढ़ रही सड़क हादसों में मौतें

यूपी में दोपहिया खरीदारों को नहीं मिल रहा मुफ्त हेलमेट, बढ़ रही सड़क हादसों में मौतें

उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन खरीदारों को नियम के अनुसार दो हेलमेट नहीं मिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मुफ्त हेलमेट की व्यवस्था का सही पालन नहीं होने से हेलमेट उपयोग प्रभावित हो रहा है और सड़क दुर्घटनाओं में मौतों पर चिंता बढ़ी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन खरीदने वालों को मोटर वाहन नियमों के अनुरूप मुफ्त हेलमेट नहीं मिलने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक कई जगह खरीदारों को एक हेलमेट बेचकर ही औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जबकि सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ हेलमेट की कमी को दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों का एक अहम कारण मान रहे हैं।

मुफ्त हेलमेट के नियम के पालन पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को नियमों के अनुसार एक हेलमेट मुफ्त और दूसरे हेलमेट का भुगतान करना होता है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार कई स्थानों पर इस व्यवस्था का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि वाहन डीलर ग्राहकों को मुफ्त हेलमेट देने के बजाय एक हेलमेट का शुल्क लेकर उसकी रसीद अपलोड कर देते हैं और उसे सह-यात्री (पिलियन राइडर) के हेलमेट के रूप में दर्ज कर दिया जाता है। इससे रिकॉर्ड में दो हेलमेट दिखाए जाते हैं, लेकिन ग्राहक को वास्तव में केवल एक हेलमेट ही मिलता है।

हेलमेट नहीं पहनने से बढ़ रही मौतें

सड़क परिवहन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, देश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा हिस्सा दोपहिया वाहनों से जुड़ा है। 'Road Accidents in India 2023' रिपोर्ट के मुताबिक कुल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 45 प्रतिशत मामले दोपहिया वाहनों के हैं। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठे यात्रियों की बड़ी संख्या में मौतें हेलमेट नहीं पहनने के कारण होती हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हेलमेट का नियमित उपयोग गंभीर सिर की चोट और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट और परिवहन विभाग पहले ही दे चुके हैं निर्देश

सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए 7 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले दोनों व्यक्तियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने पर जोर दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने 14 जनवरी 2026 को सभी डीलरों को आईएसआई मानक वाले दो हेलमेट उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे। साथ ही परिवहन अधिकारियों को डीलरशिप पर निरीक्षण कर नियमों के पालन की निगरानी करने के लिए भी कहा गया था। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार इन निर्देशों का प्रभावी पालन अब तक सुनिश्चित नहीं हो पाया है।

बिना हेलमेट चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई

प्रदेश में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अप्रैल से जून 2026 के बीच राज्यभर में 1.77 लाख से अधिक चालान किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और कुछ मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने तक निलंबित भी किया जा सकता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

मुफ्त हेलमेट की आपूर्ति पर उठे सवाल

कुछ वाहन डीलरों का कहना है कि उन्हें कंपनियों की ओर से मुफ्त हेलमेट की आपूर्ति नहीं मिलती, इसलिए ग्राहकों को हेलमेट बेचकर ही वाहन की डिलीवरी की जाती है। वहीं, कुछ अन्य राज्यों में दोपहिया वाहन खरीदने पर मुफ्त हेलमेट दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि कुछ राज्यों में यह व्यवस्था लागू है, तो उत्तर प्रदेश में सभी खरीदारों को नियमों के अनुसार मुफ्त हेलमेट क्यों नहीं मिल पा रहा है। परिवहन विभाग ने मामले की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।

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