उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत 2 करोड़ 89 लाख वोट काटे गए हैं और सवाल उठाया कि अगर इतने बड़े पैमाने पर वोट हटाए गए, तो 2024 के चुनाव में पड़े वोटों की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर ये वोट किसके थे।
चंद्रशेखर आज़ाद हरदोई में महाराजा बिजली पासी की जयंती के अवसर पर आयोजित बहुजन संकल्प महारैली में पहुंचे थे। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
SIR प्रक्रिया पर चंद्रशेखर आज़ाद का तीखा हमला
हरदोई में आयोजित बहुजन संकल्प महारैली को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि पहले दावा किया गया था कि लगभग 4 करोड़ वोट कटे हैं, जबकि अब सरकारी आंकड़े 2.89 करोड़ बताए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष वोट किस श्रेणी में थे और इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाने का आधार क्या है।
उनका कहना था कि मताधिकार लोकतंत्र की आत्मा है, और यदि वोट का अधिकार कमजोर किया जाएगा, तो आम जनता की राजनीतिक भागीदारी पर सीधा असर पड़ेगा।

लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला: आज़ाद समाज पार्टी का आरोप
चंद्रशेखर आज़ाद ने SIR प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार सुरक्षित रहेगा, तभी सत्ता में बैठे लोग जनता के सवालों का जवाब देने को मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का असर विशेष रूप से गरीब, वंचित और हाशिए पर खड़े समुदायों पर पड़ा है, जिनमें दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक शामिल हैं।
अपने संबोधन में चंद्रशेखर आज़ाद ने एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में अपराध और यौन हिंसा के मामलों में सबसे अधिक पीड़ित महिलाएं, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक हैं। उन्होंने कहा कि जब एक तरफ इन वर्गों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और दूसरी तरफ उनके वोट काटे जा रहे हैं, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
2027 विधानसभा चुनाव पर आज़ाद समाज पार्टी की नजर
आज़ाद समाज पार्टी प्रमुख ने साफ कहा कि पार्टी ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय कर ली है। उनका लक्ष्य पार्टी को लखनऊ की सत्ता तक पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब सभी प्रमुख दलों को आजमा चुकी है और अब नए नेतृत्व को मौका देना चाहती है।चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी लगातार ज़मीनी स्तर पर काम कर रही हैं।
आने वाले समय में एससी, एसटी, ओबीसी, मुस्लिम और आदिवासी समुदायों के बीच एक मजबूत भाईचारा तैयार होगा, जिससे पार्टी एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरेगी।











