उपराष्ट्रपति चुनाव: एनडीए ने राधाकृष्णन को उतारा, विपक्ष इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पर करेगा चर्चा

एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया। विपक्ष में इंडिया गठबंधन उम्मीदवार पर चर्चा कर साझा रणनीति तैयार करेगा।

एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बाद विपक्ष ने भी उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दल बैठक कर उपयुक्त उम्मीदवार चुनेंगे, जो प्रोफेशनल और निष्पक्ष टोन में चुनाव लड़ सके।

नई दिल्ली: विपक्ष में उम्मीदवार को लेकर इंडिया गठबंधन में चर्चा। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बाद कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल 19 अगस्त से बैठक कर विपक्ष का उम्मीदवार तय करेंगे। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य गठबंधन नेता नाम सुझाएंगे और सहमति बनाने के बाद अंतिम घोषणा करेंगे।

कांग्रेस की रणनीति

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस चुनाव में केवल अपने नेताओं पर निर्भर नहीं होगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों से सुझाव मांगेंगे और यदि किसी न्यूट्रल उम्मीदवार का चयन होता है, जिसका राजनीतिक और सामाजिक बैकग्राउंड साफ-सुथरा हो, तो कांग्रेस उस नाम को भी समर्थन दे सकती है।

कांग्रेस का यह रुख इस बात का संकेत है कि विपक्ष केवल संख्या बल पर निर्भर नहीं रहेगा बल्कि उम्मीदवार की वैचारिक मजबूती और भरोसेमंद छवि को प्राथमिकता देगा। एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन का आरएसएस से जुड़ाव और बीजेपी विचारधारा के कारण कांग्रेस चाहती है कि विपक्ष मैदान खाली न छोड़े और वैचारिक संघर्ष जारी रखा जाए।

राहुल गांधी से बैठक और गठबंधन की अहमियत

उपराष्ट्रपति चुनाव: एनडीए ने राधाकृष्णन को उतारा, विपक्ष इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पर करेगा चर्चा

सूत्रों के अनुसार, इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल राहुल गांधी के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में गठबंधन द्वारा सुझाए गए उम्मीदवारों और कांग्रेस के प्रस्तावित नामों पर चर्चा होगी। राहुल गांधी दिल्ली 19 तारीख को पहुंचेंगे और 21 तारीख को बिहार लौटेंगे। सभी दलों की सहमति बनने के बाद ही उम्मीदवार का अंतिम नाम घोषित किया जाएगा।

समाजवादी पार्टी का रुख

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति पद खाली होने के बाद उम्मीदवार का चयन किया जाएगा और सभी दल बैठकर निर्णय लेंगे। उन्होंने किसी पूर्वनिर्धारित विकल्प को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह विचारशील होगी।

कांग्रेस नेताओं के बयान

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि बीजेपी का यह मामला है और विपक्ष अपने उम्मीदवार का चयन आंतरिक रूप से करेगा। वहीं, सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता बैठक करेंगे और उम्मीदवार के चयन के लिए साझा निर्णय लेंगे।

सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही सभी दल सहमति से उम्मीदवार का नाम घोषित करेंगे। उन्होंने राधाकृष्णन के आरएसएस और बीजेपी से जुड़े होने की बात भी उठाई, जो विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।

शिवसेना (यूबीटी) का रुख

उपराष्ट्रपति चुनाव: एनडीए ने राधाकृष्णन को उतारा, विपक्ष इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पर करेगा चर्चा

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी फिलहाल एनडीए उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रही। उन्होंने राधाकृष्णन के महाराष्ट्र और तमिलनाडु में बीजेपी से जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि वह पार्टी के लिए संतुलित विकल्प नहीं हैं। राउत ने यह भी कहा कि इंडिया ब्लॉक बैठक कर अपनी रणनीति तय करेगा और चुनाव में अपने रुख का निर्णय लेगा।

टीएमसी की स्थिति

सूत्रों के अनुसार, टीएमसी चाहती है कि विपक्ष के पास एक मजबूत उम्मीदवार हो जो एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन के खिलाफ मैदान में उतरे। टीएमसी का मानना है कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में विपक्ष की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र और वैचारिक संतुलन के लिए जरूरी है।

उपराष्ट्रपति पद का संवैधानिक और राजनीतिक अहमियत

उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य करते हैं और राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनके संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। राजनीतिक दृष्टि से यह पद एनडीए और कांग्रेस सहित अन्य बड़े दलों के लिए रणनीतिक मायने रखता है।

विश्लेषकों का कहना है कि विपक्ष की रणनीति और सहमति इस चुनाव के परिणाम को प्रभावित कर सकती है। यदि गठबंधन सहयोगी दल एक साझा उम्मीदवार पर सहमत होते हैं, तो चुनाव में विपक्ष का प्रभाव बढ़ सकता है।

 

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