उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश से गिरा तापमान, नौ जिलों में यलो अलर्ट जारी

रिश से तापमान गिरा। देहरादून समेत 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी है। जानें शुक्रवार का मौसम पूर्वानुमान और यात्रा से जुड़ी सलाह।

उत्तराखंड में मौसम ने करवट ली है। हिमालय की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने देहरादून और उत्तरकाशी समेत नौ जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

देहरादून: राज्य में गुरुवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। हिमालय की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण ठंड का अहसास बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले दो से तीन दिनों तक बारिश और बर्फबारी की संभावना है। देहरादून और उत्तरकाशी समेत नौ जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शुक्रवार को पांच जिलों में तेज बारिश का पूर्वानुमान है।

ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश

उत्तराखंड में अक्टूबर के मध्य में मौसम ने अचानक करवट ली है। गुरुवार सुबह से हिमालय की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में वर्षा का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है।

मौसम में आए इस बदलाव का असर पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक महसूस किया जा रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते ठंड बढ़ने की संभावना है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश से मौसम सुहावना होने के साथ तापमान में कमी आ सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राज्य में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम प्रभावित रह सकता है। इस दौरान कई इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में जाने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है।

नौ जिलों में यलो अलर्ट, शुक्रवार को भी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने देहरादून और उत्तरकाशी समेत उत्तराखंड के नौ जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा शुक्रवार को पांच जिलों में तेज वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बारिश और बर्फबारी के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा की परिस्थितियां बदल सकती हैं। इसलिए यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले मौसम का पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों की जानकारी लेनी चाहिए। विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को तापमान में गिरावट और मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

हालांकि, यलो अलर्ट का अर्थ संभावित मौसमी जोखिम के प्रति सतर्क रहना है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी जिलों में हर जगह समान तीव्रता की बारिश होगी। मौसम का वास्तविक असर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

चारधाम और आदि कैलास यात्रा सुचारू

मौसम में बदलाव के बावजूद गुरुवार को चारधाम और आदि कैलास यात्रा सुचारू रहने की जानकारी दी गई है। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश को देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपने गंतव्य के मौसम की जानकारी लेने के साथ स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय और जरूरी गर्म कपड़ों की व्यवस्था रखना उपयोगी होगा।

फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड में अगले दो से तीन दिनों तक बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में तापमान में और गिरावट हो सकती है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और अलर्ट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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