उत्तर कोरिया ने युद्धपोत से क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया। किम जोंग उन ने इस परीक्षण को अपनी बेटी के साथ देखा। अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास के बीच यह कदम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है।
North Korea: दुनिया इस समय बढ़ते वैश्विक तनाव के दौर से गुजर रही है। एक तरफ मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ एशिया में भी सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसी बीच उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए युद्धपोत से क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है।
इस परीक्षण को खुद उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देखा और खास बात यह रही कि इस दौरान उनकी बेटी भी उनके साथ मौजूद थीं। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने इस मिसाइल परीक्षण की जानकारी दी और बताया कि यह कदम क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच उठाया गया है।
अमेरिकी सैन्य अभ्यास से बढ़ा तनाव
दरअसल यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है। दोनों देशों की सेनाएं ‘फ्रीडम शील्ड’ नाम के बड़े सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं, जिसमें हजारों सैनिक शामिल हैं। यह अभ्यास करीब 11 दिनों तक चलने वाला है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह अभ्यास उनकी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।

हालांकि उत्तर कोरिया इस सैन्य अभ्यास को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। प्योंगयांग का कहना है कि इस तरह के अभ्यास सीधे तौर पर उसे उकसाने के लिए किए जाते हैं। यही कारण है कि उत्तर कोरिया ने इन अभ्यासों के जवाब में अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं और मिसाइल परीक्षणों के जरिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है।
किम जोंग उन ने वीडियो के जरिए देखा मिसाइल प्रक्षेपण
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार किम जोंग उन ने मंगलवार को वीडियो के माध्यम से इस मिसाइल परीक्षण को देखा। रिपोर्ट में बताया गया कि युद्धपोत से दागी गई क्रूज मिसाइलों ने देश के पश्चिमी तट के पास स्थित लक्षित द्वीपों को निशाना बनाया।
किम जोंग उन ने इस अवसर पर कहा कि देश की सुरक्षा के लिए मजबूत और भरोसेमंद हथियार प्रणाली होना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु युद्ध को रोकने के लिए शक्तिशाली हथियारों का होना आवश्यक है ताकि दुश्मनों को किसी भी तरह के आक्रामक कदम से रोका जा सके।
परीक्षण के दौरान किम की बेटी भी रहीं मौजूद
मिसाइल परीक्षण के दौरान किम जोंग उन की बेटी भी उनके साथ मौजूद थीं। हालांकि सरकारी मीडिया की रिपोर्ट में उनकी बेटी का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार वह कई महत्वपूर्ण सैन्य कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई देती रही हैं।
किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ की उम्र करीब 13 साल बताई जाती है। वह पहली बार 2022 के अंत में सार्वजनिक रूप से नजर आई थीं और उसके बाद से कई सैन्य परेड, हथियार परीक्षण और सरकारी कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई दी हैं। उनकी लगातार मौजूदगी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा होती रही है।
उत्तराधिकारी बनने की अटकलें तेज
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने हाल ही में अनुमान जताया था कि किम जोंग उन अपनी बेटी को अपना उत्तराधिकारी बना सकते हैं। इसी वजह से उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में बार-बार नजर आने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि उत्तर कोरिया की सरकार ने आधिकारिक रूप से इस बारे में कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि किम जू ऐ को धीरे-धीरे सार्वजनिक जीवन में लाकर उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह उत्तर कोरिया की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।

नौसेना की ताकत दिखाने की कोशिश
केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार यह मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया की नौसेना की रणनीतिक क्षमता को दिखाने के लिए किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि इस तरह के परीक्षणों का उद्देश्य सैनिकों को आधुनिक हथियार प्रणालियों के संचालन से परिचित कराना और नौसेना की आक्रामक क्षमता को मजबूत करना है।
किम जोंग उन ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सेना को हर परिस्थिति में तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री सुरक्षा और नौसेना की शक्ति को मजबूत करना उत्तर कोरिया की रक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
किम यो जोंग की अमेरिका को चेतावनी
इस घटनाक्रम से पहले किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने भी अमेरिका और दक्षिण कोरिया को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों का संयुक्त सैन्य अभ्यास पूरी तरह से उकसाने वाला कदम है और इससे क्षेत्र की स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है।
किम यो जोंग ने यह भी कहा कि वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद संवेदनशील समय है और ऐसे में इस तरह के सैन्य अभ्यास स्थिति को और अधिक खतरनाक बना सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती दी गई तो उसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
लगातार बढ़ रही सैन्य गतिविधियां
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर कोरिया ने कई बार मिसाइल परीक्षण किए हैं और अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की कोशिश की है। खासकर परमाणु हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलों के मामले में उत्तर कोरिया लगातार नए परीक्षण करता रहा है।












