उत्तराखंड कैबिनेट की हालिया बैठक में राज्य के विकास और सामाजिक न्याय से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 10 प्रस्तावों में से 7 को स्वीकृति मिली।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजे की राशि बढ़ाने का निर्णय भी शामिल है। पहले यह राशि छह लाख रुपए थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, वन्यजीवों के हमले में घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में बढ़ती वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु को इस संबंध में उचित कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति
कैबिनेट ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में मृतक के परिजनों को अब 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का फैसला किया। इससे पहले यह राशि 6 लाख रुपये थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के हमले में घायल लोगों के उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। यह कदम राज्य में वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तराखंड कैबिनेट ने दुकानों और प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक की रात्रि पाली में काम करने की अनुमति देने का फैसला किया। हालांकि, यह अनुमति केवल उन महिलाओं को दी जाएगी जो लिखित रूप में अपनी सहमति देंगी। यह निर्णय महिला कर्मचारियों के रोजगार के अवसर बढ़ाने और लचीले कामकाजी समय की सुविधा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

देहरादून मेट्रो निओ प्रोजेक्ट को हरी झंडी
कैबिनेट ने देहरादून मेट्रो निओ प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी। केंद्रीय आवासन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए इस परियोजना को शामिल किया गया है। इस प्रोजेक्ट से देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन सुविधा में सुधार और यातायात के बोझ को कम करने की उम्मीद है। कैबिनेट ने अभियोजन विभाग के नए ढांचे को मंजूरी दी, जिसमें कुल 86 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, ऊर्जा निगम और पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने की भी अनुमति दी गई।
कैबिनेट ने दुकान अवस्थापना अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके तहत केंद्रीय श्रम संहिता को अंगीकृत किया गया है, जिससे राज्य में व्यवसायिक और श्रमिकों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।












