मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए सोमवार (29 दिसंबर) को उनके पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बातचीत की।
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना बताते हुए सोमवार (29 दिसंबर) को उनके पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।
अब तक पांच गिरफ्तार, एक फरार आरोपी नेपाल भागने की आशंका
सीएम धामी ने तरुण चकमा को जानकारी दी कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है और पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह घटना उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहत करती है और वे पीड़ित परिवार के दर्द को पूरी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण राज्य रहा है, जहां देश-विदेश से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसी घटनाएं न केवल राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि समाज को भी झकझोर देती हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कानून-व्यवस्था पर ‘जीरो टॉलरेंस’
सीएम धामी ने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि न्याय का स्पष्ट संदेश जाए। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और एंजेल चकमा को इंसाफ दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा से भी फोन पर बातचीत की है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी मामले की जानकारी दी गई है और आवश्यक सहयोग पर चर्चा हुई है। यह समन्वय जांच और कार्रवाई को और तेज करने में मदद करेगा।
सीएम धामी ने तरुण चकमा को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार पूरी मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से भी त्रिपुरा सरकार से संपर्क में हैं ताकि परिवार को हर संभव सहायता मिल सके। राज्य सरकार की ओर से भी पीड़ित परिवार को कानूनी, प्रशासनिक और मानवीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी।










