वेदांता पावर शेयर में गिरावट: 38% बिक्री बढ़ने के बावजूद क्यों फिसला अनिल अग्रवाल का स्टॉक?

वेदांता पावर की बिक्री में 38% की बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। जानें इसके पीछे की वजह, बाजार की प्रतिक्रिया और निवेशकों के लिए

शेयर बाजार में आज लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी का माहौल देखने को मिला, लेकिन Vedanta Power के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

बिजनेस न्यूज़: दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाली वेदांता पावर के शेयरों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली, जबकि व्यापक शेयर बाजार में तेजी का रुख बना हुआ था। कंपनी के जून तिमाही में मजबूत परिचालन प्रदर्शन और बिजली बिक्री में 38% की वृद्धि के बावजूद निवेशकों की धारणा कमजोर रही, जिससे स्टॉक दबाव में आ गया।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से वैल्यूएशन, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) कमजोरी और डिमर्जर से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण आई है।

शेयर में शुरुआती कारोबार में गिरावट

बीएसई पर वेदांता पावर का शेयर पिछले सत्र में ₹45.68 पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह सपाट स्तर पर खुला, लेकिन जल्द ही इसमें बिकवाली हावी हो गई और यह लगभग 4% से अधिक गिरकर ₹43.67 के स्तर तक पहुंच गया। दोपहर के कारोबार में भी दबाव जारी रहा और स्टॉक करीब ₹43.87 के आसपास ट्रेड करता दिखा। 

इस गिरावट के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹17,154 करोड़ के स्तर पर आ गया। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में इस शेयर ने उल्लेखनीय तेजी भी दर्ज की है। कंपनी का हालिया उच्चतम स्तर ₹52.49 (3 जुलाई) रहा है।

बिजली बिक्री में 38% की मजबूत वृद्धि

कंपनी द्वारा एक्सचेंज को दी गई तिमाही अपडेट के अनुसार, वेदांता पावर की कुल बिजली बिक्री में सालाना आधार पर 38% की वृद्धि दर्ज की गई है। जून तिमाही में कंपनी ने लगभग 5,225 मिलियन यूनिट (MU) बिजली की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,784 मिलियन यूनिट था। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा। 

मार्च तिमाही में बिजली बिक्री 5,530 मिलियन यूनिट थी, जो जून तिमाही में लगभग 6% कम हो गई। कंपनी ने इस प्रदर्शन का श्रेय अपने मीनाक्षी एनर्जी प्लांट की बेहतर क्षमता उपयोग और तलवंडी साबो थर्मल पावर प्लांट के स्थिर संचालन को दिया है।

शेयर क्यों गिरा? मजबूत आंकड़ों के बावजूद दबाव

विश्लेषकों के अनुसार, मजबूत परिचालन डेटा के बावजूद शेयर में गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं, पहला, तिमाही-दर-तिमाही गिरावट ने निवेशकों को सतर्क किया है। दूसरा, हालिया तेजी के बाद स्टॉक में मुनाफावसूली (profit booking) देखने को मिल रही है। तीसरा, कंपनी के डीमर्जर से जुड़ी संरचनात्मक अनिश्चितताएं भी निवेश धारणा को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, बाजार में यह भी देखा गया कि जब किसी स्टॉक में पहले से तेज रैली होती है, तो सकारात्मक खबरें भी कई बार अपेक्षित बढ़त नहीं दिला पातीं।

ब्रोकरेज हाउसेस की अलग-अलग राय

वेदांता पावर को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय में भी अंतर देखने को मिल रहा है, जो निवेशकों के बीच असमंजस का कारण बन सकता है। Emkay Global ने प्रति शेयर मूल्यांकन लगभग ₹51.7 बताया है. Kotak Institutional Equities का अनुमान करीब ₹60 प्रति शेयर है. Nuvama का वैल्यूएशन लगभग ₹47 प्रति शेयर हैं।

वहीं CLSA ने अपेक्षाकृत सतर्क रुख अपनाते हुए मूल्यांकन करीब ₹35 प्रति शेयर बताया है. इस तरह के अलग-अलग अनुमानों से यह स्पष्ट है कि बाजार में कंपनी की वास्तविक वैल्यू को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

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