विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की ओर से खेल रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस समय शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं और अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित कर रहे हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय घरेलू क्रिकेट में उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में हैं। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार की ओर से खेलते हुए उन्होंने मेघालय के खिलाफ बेहद आक्रामक शुरुआत की और महज 10 गेंदों में 31 रन ठोक दिए। भले ही वह अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सके, लेकिन उनके स्ट्राइक रेट और शॉट सिलेक्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह भविष्य के बड़े मैच विनर बन सकते हैं।
310 के स्ट्राइक रेट से खेली विस्फोटक पारी
मेघालय के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उन्होंने सिर्फ 10 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके और 1 छक्का लगाया और 310 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उनकी यह पारी छोटी जरूर रही, लेकिन पूरी तरह प्रभावशाली थी। वैभव का विकेट आकाश कुमार की गेंद पर गिरा, जब वह बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में दीप्पू को कैच दे बैठे। हालांकि, तब तक वह बिहार की पारी को तेज रफ्तार दे चुके थे।
वैभव सूर्यवंशी इस सीजन विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार टीम के लिए शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया था, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उस मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 84 गेंदों में 190 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत बिहार ने अरुणाचल प्रदेश को 397 रनों के भारी अंतर से हराया था, जो टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीतों में से एक रही।

पुरस्कार समारोह के कारण एक मैच से रहे बाहर
अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ऐतिहासिक पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी मणिपुर के खिलाफ मैच में नजर नहीं आए थे। इसकी वजह क्रिकेट नहीं, बल्कि सम्मान था। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रधानमंत्री बाल खेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसके लिए वह दिल्ली गए हुए थे। यह उपलब्धि न केवल उनके क्रिकेट करियर, बल्कि उनके समर्पण और निरंतर प्रदर्शन का भी प्रमाण है।
वैभव सूर्यवंशी सिर्फ घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने भारतीय अंडर-19 और इंडिया-ए टीम के लिए भी शानदार प्रदर्शन किया है। खासतौर पर अंडर-19 एशिया कप में उनका प्रदर्शन यादगार रहा, जहां उन्होंने यूएई के खिलाफ 95 गेंदों में 171 रन की तूफानी पारी खेली थी। उस पारी ने उन्हें युवा क्रिकेटरों की सूची में खास पहचान दिलाई।











