उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस का 'वोट चोरी' अभियान नेशनल कॉन्फ्रेंस या इंडिया ब्लॉक से संबंधित नहीं है। विपक्षी दलों में असहमति और मतभेद बढ़े हैं, जबकि कांग्रेस अपनी रैली और प्रचार जारी रखे हुए है।
Jammu: कांग्रेस ने हाल ही में राजधानी दिल्ली में अपने 'वोट चोरी' अभियान को और तेज़ करने के लिए एक बड़ी रैली आयोजित की। इस रैली में कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा पर मिलकर मतदान प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप लगाया। विपक्षी पार्टियों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस के इस अभियान का इंडिया गठबंधन से कोई संबंध नहीं है।
उमर अब्दुल्ला का स्पष्ट बयान
दिल्ली में समिट के दौरान उमर अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा, "कांग्रेस के 'वोट चोरी' अभियान से इंडिया गठबंधन का कोई लेना-देना नहीं है। हर पार्टी को अपना एजेंडा चुनने का अधिकार है। कांग्रेस ने एसआईआर और वोट चोरी को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है। हम उन्हें क्या करने को कहें, यह तय करने वाले हम नहीं हैं। वे अपना मुद्दा चुन सकते हैं, और हम अपना।"
अब्दुल्ला की ये टिप्पणी नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा 'इंडिया ब्लॉक' को राजनीतिक जीवन रक्षक प्रणाली के रूप में रखने के कुछ ही दिनों बाद आई। उन्होंने कहा कि कभी-कभी गठबंधन में झटके आते हैं और परिणाम निराशाजनक हो सकते हैं, जैसे बिहार चुनाव में देखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन ने बिहार सीट बंटवारे में हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा को शामिल करने में विफलता दिखाई और नतीजतन कुछ निर्णय एनडीए के पक्ष में गए।
गठबंधन में असहमति का संकेत

अब्दुल्ला के बयान ने विपक्षी दलों में असहमति की लकीर खींच दी है। आरजेडी नेता मनोज झा ने उमर अब्दुल्ला की टिप्पणियों को जल्दबाजी बताया और कहा, "अगर गठबंधन संकट में है, तो उमर भी इसका हिस्सा हैं। इसे पुनर्जीवित करने के उनके प्रयास क्या हैं? यह किसी एक राजनीतिक दल का मामला नहीं है; यह सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। केवल ताने मारने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।"
सीपीआई के महासचिव डी राजा ने भी सभी विपक्षी दलों से आत्मनिरीक्षण की अपील की। राजा ने कहा, "जब धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक दल एकजुट होकर इंडिया ब्लॉक बनाने के लिए आए थे, तो उद्देश्य भारत को बचाना और भाजपा को हराना था। अब ऐसा क्यों नहीं हो रहा और गठबंधन अपेक्षित समन्वय क्यों नहीं दिखा रहा?"
कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक का विभाजन
कांग्रेस ने अपने 'वोट चोरी' अभियान को लेकर जोरदार रैली आयोजित कर यह संदेश दिया कि वे इस मुद्दे पर सक्रिय हैं। दूसरी ओर, उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और इंडिया ब्लॉक का इससे कोई संबंध नहीं है। उनके बयान से यह साफ हो गया कि विपक्षी गठबंधन में इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण हैं और सभी दल एक समान लाइन पर नहीं हैं।












