कनाडा में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वॉश टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने इंग्लैंड को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। दूसरी ओर, महिला टीम क्वार्टर फाइनल में अमेरिका से हार गई और उसका अभियान समाप्त हो गया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: कनाडा के ओंटारियो में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वॉश टीम चैंपियनशिप 2026 में भारत के लिए एक दिन खुशी और निराशा दोनों लेकर आया। भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्लैंड को 2-1 से हराकर शानदार अंदाज में सेमीफाइनल में प्रवेश किया। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम को क्वार्टर फाइनल में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ उसका टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। पुरुष टीम की इस जीत ने भारत की पदक उम्मीदों को बरकरार रखा है। अब भारतीय टीम सेमीफाइनल में अमेरिका का सामना करेगी और फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगी।
पुरुष टीम ने इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में हराया
क्वार्टर फाइनल मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी रहा। भारत ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए मजबूत इंग्लिश टीम को कड़ी चुनौती दी। पहले मुकाबले में आर्यवीर दीवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के रोनी हिकलिंग को सीधे तीन गेम में 11-9, 12-10 और 11-5 से हराया। इस जीत के साथ भारत ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली। हालांकि दूसरे मैच में इंग्लैंड ने वापसी की। भारत के युशा नफीस का सामना इस्माइल खलील से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन अंत में इस्माइल खलील ने 11-7, 8-11, 11-4, 13-11 और 11-7 से जीत दर्ज कर टीम स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्णायक तीसरे मुकाबले में गुरवीर सिंह ने दबाव के बीच शानदार संयम दिखाया। उन्होंने जॉर्ज ग्रिफिथ्स को 11-3, 11-8 और 11-6 से सीधे गेम में हराकर भारत को 2-1 की यादगार जीत दिलाई।
सेमीफाइनल में अमेरिका से होगी टक्कर
इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को हराने के बाद भारतीय पुरुष टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। अब उसका अगला मुकाबला अमेरिका से होगा, जिसने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में जगह बनाई। पिछले संस्करण में भारत ने कांस्य पदक जीता था। इस बार टीम उस प्रदर्शन को बेहतर करते हुए फाइनल में पहुंचने और स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करने के इरादे से उतरेगी।
आर्यवीर और गुरवीर बने जीत के नायक
भारतीय जीत में आर्यवीर दीवान और गुरवीर सिंह की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबले सीधे गेम में जीतकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। आर्यवीर ने शुरुआत में ही विपक्षी खिलाड़ी पर दबाव बनाया, जबकि निर्णायक मैच में गुरवीर ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की वापसी की उम्मीद खत्म कर दी। युवा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन भारतीय जूनियर स्क्वॉश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना जा रहा है।
महिला टीम का सफर क्वार्टर फाइनल में थमा
भारतीय महिला टीम का अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में भारत ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बाद के दोनों मैच गंवाने से उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में विश्व जूनियर महिला व्यक्तिगत चैंपियन बनी अनाहत सिंह ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने अमेरिका की दीया यादव को 11-7, 11-5 और 11-4 से हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। अनाहत ने पूरे मैच में आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाया तथा विपक्षी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

अमेरिका ने की दमदार वापसी
पहला मैच हारने के बाद अमेरिकी टीम ने बेहतरीन वापसी की। दूसरे मुकाबले में भारत की रुद्रा सिंह को चार्लोट स्जे ने 11-6, 11-4 और 11-8 से हराकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक तीसरे मैच में भारत की अनिका दुबे का सामना लिली बोरेल से हुआ। लिली ने लगातार तीन गेम 13-11, 11-8 और 11-6 से जीतकर अमेरिका को 2-1 की बढ़त दिलाई और अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। इस हार के साथ भारतीय महिला टीम का अभियान समाप्त हो गया।
अनाहत सिंह ने फिर दिखाया शानदार प्रदर्शन
भले ही भारतीय महिला टीम आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन अनाहत सिंह ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। हाल ही में विश्व जूनियर महिला व्यक्तिगत खिताब जीतने वाली अनाहत लगातार बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में भी बिना कोई गेम गंवाए अपनी प्रतिद्वंद्वी को हराया। उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में वह भारत की सीनियर स्क्वॉश टीम की भी अहम खिलाड़ी बन सकती हैं।
भारत की पदक उम्मीदें बरकरार
महिला टीम के बाहर होने के बावजूद भारतीय पुरुष टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत की पदक उम्मीदें अभी भी जीवित हैं। यदि भारतीय टीम सेमीफाइनल में अमेरिका को हराने में सफल रहती है, तो वह कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लेगी और स्वर्ण पदक के लिए भी चुनौती पेश करेगी। टीम का वर्तमान प्रदर्शन बताता है कि युवा खिलाड़ी दबाव की परिस्थितियों में भी बेहतरीन खेल दिखाने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय स्क्वॉश का लगातार बेहतर होता प्रदर्शन
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय स्क्वॉश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है। जूनियर और सीनियर दोनों स्तरों पर भारतीय खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अनाहत सिंह, आर्यवीर दीवान, गुरवीर सिंह और अन्य युवा खिलाड़ियों की सफलता यह दर्शाती है कि भारत में स्क्वॉश की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही प्रदर्शन जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत विश्व स्क्वॉश में और मजबूत स्थान बना सकता है।
अब सेमीफाइनल पर नजर
भारतीय पुरुष टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका होगी। टीम का लक्ष्य लगातार दूसरी बार पदक जीतना और इस बार फाइनल में जगह बनाना होगा। दूसरी ओर, महिला टीम भले ही क्वार्टर फाइनल में हार गई हो, लेकिन उसके खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से अनाहत सिंह की निरंतर सफलता भारतीय स्क्वॉश के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें पुरुष टीम के सेमीफाइनल मुकाबले पर होंगी, जहां जीत भारत को विश्व जूनियर स्क्वॉश टीम चैंपियनशिप के फाइनल के एक कदम और करीब पहुंचा सकती है।












