CoinDCX के को-फाउंडर सुमित गुप्ता ने ₹31.67 करोड़ एडवांस टैक्स भरकर कार्तिक आर्यन को छोड़ा पीछे

CoinDCX के को-फाउंडर सुमित गुप्ता ने ₹31.67 करोड़ एडवांस टैक्स भरकर कार्तिक आर्यन को पीछे छोड़ा। MP में आयकर रिटर्न भी बढ़े।

इंदौर के उद्यमी और CoinDCX के को-फाउंडर सुमित गुप्ता ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹31.67 करोड़ एडवांस टैक्स जमा किया है। यह राशि अभिनेता कार्तिक आर्यन के ₹21 करोड़ एडवांस टैक्स से अधिक है। वहीं, मध्य प्रदेश में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या भी बढ़ी है।

ग्वालियर: Income Tax News में मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी और CoinDCX के को-फाउंडर सुमित गुप्ता चर्चा में हैं। उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹31.67 करोड़ एडवांस टैक्स जमा कर प्रदेश के सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स में जगह बनाई है। उनका टैक्स भुगतान इस अवधि में अभिनेता कार्तिक आर्यन द्वारा जमा किए गए ₹21 करोड़ एडवांस टैक्स से अधिक रहा।

कौन हैं सुमित गुप्ता?

सुमित गुप्ता मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले उद्यमी हैं और देश के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के सह-संस्थापक (Co-founder) हैं। उन्होंने भारत में डिजिटल एसेट और क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। CoinDCX आज देश के बड़े क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है और लाखों यूजर्स को डिजिटल एसेट्स में निवेश और ट्रेडिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है।

हाल के वर्षों में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में CoinDCX का नाम तेजी से उभरा है। कंपनी ने तकनीक, सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन पर विशेष ध्यान देते हुए डिजिटल फाइनेंस सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई है।

31.67 करोड़ रुपये एडवांस टैक्स भरकर बने चर्चा का विषय

वित्तीय वर्ष 2025-26 में सुमित गुप्ता ने ₹31.67 करोड़ का एडवांस टैक्स जमा किया है। यह आंकड़ा मध्य प्रदेश में सबसे अधिक टैक्स भुगतान करने वालों में शामिल है और इसी वजह से वे चर्चा का विषय बने हुए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इसी अवधि में बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने ₹21 करोड़ एडवांस टैक्स जमा किया। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में उनके टैक्स भुगतान में वृद्धि हुई है, लेकिन इस बार सुमित गुप्ता उनसे लगभग ₹10.67 करोड़ आगे रहे।

मध्य प्रदेश में बढ़े आयकर रिटर्न और नए कारोबारी

आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में इस वर्ष बिजनेस कैटेगरी के तहत आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रदेश में 77 हजार से अधिक नए कारोबारी टैक्स सिस्टम से जुड़े हैं।

पिछले वित्त वर्ष में जहां 17,57,839 लोगों ने आयकर रिटर्न दाखिल किया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 18,35,512 तक पहुंच गई है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य में करदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और अधिक लोग औपचारिक टैक्स व्यवस्था से जुड़ रहे हैं।

टैक्स फ्री सीमा बढ़ने का भी दिखा असर

विशेषज्ञों के अनुसार, टैक्स फ्री आय सीमा बढ़ाकर ₹12.75 लाख वार्षिक किए जाने का असर भी इस वर्ष के आंकड़ों में दिखाई दिया है। इस बदलाव के कारण कई वेतनभोगी कर्मचारी टैक्स दायरे से बाहर हो गए, जिससे सैलरी कैटेगरी के करदाताओं की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई।

हालांकि दूसरी ओर कारोबारियों और अन्य करदाताओं की संख्या बढ़ने से कुल आयकर रिटर्न फाइलिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इससे राज्य के कुल टैक्स कलेक्शन में भी मजबूती देखने को मिली।

32 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहा टैक्स कलेक्शन

वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश से कुल ₹32 हजार करोड़ से अधिक का आयकर संग्रह दर्ज किया गया। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 97.05 प्रतिशत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने, टैक्स रिफंड में सुधार और जागरूकता अभियानों के कारण लोगों का आयकर प्रणाली पर भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि समय पर टैक्स जमा करने और रिटर्न दाखिल करने की प्रवृत्ति लगातार मजबूत हो रही है। वहीं, सुमित गुप्ता जैसे उद्यमियों का बड़ा टैक्स योगदान यह भी दर्शाता है कि भारत के स्टार्टअप और डिजिटल बिजनेस सेक्टर का आर्थिक योगदान लगातार बढ़ रहा है।

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