यूपी में आंधी और बिजली गिरने से 5 की मौत, 9 राज्यों में प्री-मानसून बारिश

यूपी में आंधी और बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हुई। राजस्थान, एमपी समेत 9 राज्यों में प्री-मानसून बारिश जारी है। मानसून छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंच चुका है।

देश के कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हैं। उत्तर प्रदेश में आंधी और बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत 9 राज्यों में बारिश जारी है, जबकि मानसून छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंच गया है।

लखनऊ/दिल्ली/जयपुर: भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश में शनिवार को खराब मौसम के कारण हुए अलग-अलग हादसों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया।

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और झारखंड तथा ओडिशा के कई हिस्सों में पहुंच चुका है। मानसून फिलहाल छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंच गया है और अगले तीन दिनों में मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में इसके प्रवेश करने की संभावना है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून महज नौ दिनों के भीतर देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, जो इसके सामान्य गति से आगे बढ़ने का संकेत माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में आंधी और बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में तेज हवाओं, धूलभरी आंधी और बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। उन्नाव और गाजीपुर जिलों में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई।

वहीं कासगंज जिले में तेज आंधी के दौरान एक मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी बेटी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। राजधानी लखनऊ में सुबह धूलभरी आंधी चलने से दृश्यता कम हो गई और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

राजस्थान में बारिश और आंधी से नुकसान

राजस्थान में भी प्री-मानसून गतिविधियों का असर देखने को मिला। जयपुर समेत कई जिलों में शनिवार को बारिश दर्ज की गई। चूरू जिले में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक मकान की दीवार गिर गई, जिसके नीचे एक ही परिवार के चार सदस्य दब गए।

घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

राजस्थान के कई अन्य जिलों में भी तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

मध्य प्रदेश में तेज बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश में शनिवार शाम राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम बदलने के साथ ही कई स्थानों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। भोपाल, विदिशा, रायसेन और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के कारण यातायात प्रभावित रहा।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मानसून की रफ्तार तेज, पूर्वी भारत में बढ़ी सक्रियता

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अनुकूल वातावरण और समुद्री परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।

यदि वर्तमान स्थिति बनी रहती है तो अगले तीन दिनों के भीतर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मानसून पहुंच सकता है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का समय नजदीक आ रहा है।

बिहार के सासाराम में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। एसडीओ कार्यालय परिसर में भी पानी भर गया, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ।

हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में भी बदला मौसम

हरियाणा के फरीदाबाद में बारिश और तेज हवाओं के कारण एक मकान का हिस्सा गिर गया। हालांकि किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं मिली है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल छाए रहे और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

बारिश के बीच गर्मी का भी असर बरकरार

हालांकि कई राज्यों में बारिश हो रही है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में गर्मी अभी भी बनी हुई है। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

महाराष्ट्र के यवतमाल में देश का सबसे अधिक तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि गुजरात के भावनगर में 41.9 डिग्री और राजस्थान के जैसलमेर में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक देश के कई हिस्सों में गर्मी और बारिश का यह मिश्रित दौर जारी रह सकता है।

19 जून तक इन राज्यों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में 19 जून तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 14 से 19 जून तक बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में भी इसी अवधि के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की गई है।

मौसम का बदला मिजाज बढ़ा रहा चुनौतियां

प्री-मानसून गतिविधियों और मानसून की तेज प्रगति ने जहां किसानों और जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए राहत की उम्मीद जगाई है, वहीं अचानक आने वाले तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की घटनाएं जनजीवन के लिए चुनौती भी बन रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलता रहेगा और लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए।

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