यूपी: यमुना एक्सप्रेसवे पर बन रहा ‘नया हाथरस’, 2041 तक तैयार होगा मास्टर प्लान

यूपी: यमुना एक्सप्रेसवे पर बन रहा ‘नया हाथरस’, 2041 तक तैयार होगा मास्टर प्लान

उत्तर प्रदेश में हाथरस जिले के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास लगभग 4000 हेक्टेयर भूमि में ‘हाथरस अर्बन सेंटर’ यानी नया शहर बसाया जाएगा। 

UP News: हाथरस जिले के विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास करीब 4000 हेक्टेयर भूमि में ‘हाथरस अर्बन सेंटर’ यानी ‘नया हाथरस’ बसाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित कंपनी आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड को नौ महीने के भीतर वर्ष 2041 तक का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करना है।

मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने हाथरस अर्बन सेंटर के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पहले आरएफपी (Request For Proposal) जारी किया गया था। इस प्रक्रिया में तीन कंपनियां तकनीकी रूप से योग्य पाई गईं, जिनमें तेलंगाना की आरवी इंजीनियरिंग, गुरूड़ा यूएवी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, और एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया शामिल थीं।

वित्तीय बोली में सबसे कम 1.24 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड को मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी को यह कार्य नौ महीने में पूरा करना होगा और यह योजना 2041 तक के विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएगी।

मास्टर प्लान में शामिल होंगे सभी आधुनिक पहलू

मास्टर प्लान को यूआरडीपीएफआई गाइडलाइंस-2014, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम-1976, और राज्य एवं केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार बनाया जाएगा। योजना पूरी तरह जीआईएस तकनीक पर आधारित होगी। इसमें शामिल होंगे:

  • औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास
  • भविष्य की जनसंख्या अनुमान
  • सड़क और यातायात नेटवर्क
  • बिजली, पानी और सीवरेज सुविधाएं
  • हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण
  • पर्यावरण संतुलन और सतत विकास

यमुना एक्सप्रेसवे के पास इस नए शहर की लोकेशन इसे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए आकर्षक बनाएगी।

हाथरस का औद्योगिक इतिहास

हाथरस का इतिहास औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में काफी पुराना है। ब्रिटिश काल में यह क्षेत्र अपने व्यापारिक महत्व के लिए जाना जाता था। वर्तमान में जिले में 10,000 से अधिक MSME और कुटीर उद्योग पंजीकृत हैं। इनमें शामिल हैं:

  • कांच की चूड़ियां और घुंघरू निर्माण
  • होजरी और कपड़ा उद्योग
  • हस्तशिल्प और धातु शिल्प
  • कोल्ड स्टोरेज और डेयरी
  • आयुर्वेदिक दवाइयां और अचार

ये उद्योग क्लस्टर के रूप में काम कर रहे हैं और नया शहर इन उद्योगों को और बढ़ावा देगा। ‘नया हाथरस’ परियोजना यमुनानगर क्षेत्र के 358 गांवों को कवर करेगी। नया शहर एनएच-93, यमुना एक्सप्रेसवे और एसएच-33 से जुड़ा होगा। इसके अलावा हाथरस जंक्शन पर दो प्रमुख रेल लाइनें मिलती हैं, जिससे कनेक्टिविटी आसान होगी।

हालांकि, जिले में आंतरिक सड़कों, बिजली, पानी, सीवरेज, स्वास्थ्य और मनोरंजन सुविधाओं की कमी अब भी महसूस की जा रही है। इस नई परियोजना से ये कमियां दूर होंगी और शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।

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