अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने भ्रष्टाचार और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों के बीच बोलीविया, कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू के 27 अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों और उनके परिवारों के वीजा रद्द किए हैं। बोलीविया के अटॉर्नी जनरल भी सूची में शामिल हैं।
वाशिगंटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भ्रष्टाचार और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों के बीच लैटिन अमेरिका के चार देशों के 27 अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों और उनके परिवारों के खिलाफ वीजा कार्रवाई की है। प्रभावित लोगों में बोलीविया के अटॉर्नी जनरल रोजर मारियाका भी शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई बोलीविया, कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई है। ये चारों देश वर्तमान में ऐसे नेताओं के नेतृत्व में हैं, जिन्हें ट्रंप प्रशासन के साथ करीबी संबंध रखने वाला माना जाता है।
अमेरिका ने लोकतांत्रिक शासन और कानून के राज का हवाला दिया
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को वीजा रद्द किए जाने की घोषणा की। विभाग ने कहा कि यह कदम पश्चिमी गोलार्ध में भ्रष्टाचार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लोकतांत्रिक शासन की रक्षा से जुड़ी अमेरिकी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए उठाया गया है। विदेश विभाग के बयान के अनुसार, किसी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को कमजोर करना अमेरिका में सुरक्षा और कानून के शासन के लिए खतरा है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ट्रंप प्रशासन ने इन वीजा प्रतिबंधों को भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी व्यापक कार्रवाई का हिस्सा बताया है। विशेष रूप से यह कार्रवाई मादक पदार्थों के कारोबार और अवैध प्रवासन से जुड़े मामलों पर अमेरिकी दबाव बढ़ाने की नीति के संदर्भ में की जा रही है।
चार देशों के अधिकारी कार्रवाई के दायरे में
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दायरे में कुल 27 लोग हैं। इनमें बोलीविया के अटॉर्नी जनरल रोजर मारियाका के अलावा 20 से अधिक अन्य बोलीवियाई अभियोजक और न्यायाधीश शामिल हैं।
इनमें से 12 लोगों के मौजूदा अमेरिकी वीजा रद्द किए गए हैं, जबकि नौ अन्य को भविष्य में आवेदन करने पर वीजा नहीं दिए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा कोलंबिया के दो लोगों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इनमें एक कारोबारी और एक सांसद शामिल हैं। इक्वाडोर के दो नागरिक और पेरू के एक न्यायाधीश भी अमेरिकी वीजा कार्रवाई के दायरे में हैं।
अमेरिकी प्रशासन ने संबंधित लोगों पर भ्रष्टाचार और अपराध से जुड़े आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
बोलीविया के अटॉर्नी जनरल रोजर मारियाका पर क्या आरोप?
अमेरिकी दस्तावेजों के अनुसार, रोजर मारियाका पर अपने सार्वजनिक पद का कथित दुरुपयोग करते हुए रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप लगाया गया है। अमेरिका का दावा है कि यह कथित रिश्वत मादक पदार्थों की तस्करी को सुविधाजनक बनाने से जुड़ी थी। उन पर हिंसक अपराधों में शामिल लोगों को न्यायिक कार्रवाई से बचने में कथित तौर पर मदद करने का भी आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि मारियाका की कथित गतिविधियां राष्ट्रपति ट्रंप के नार्कोटेररिज्म के खिलाफ प्रयासों को नुकसान पहुंचाती हैं और बोलीविया में मजबूत किए जा रहे लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करती हैं। हालांकि, मारियाका ने अमेरिकी प्रशासन की कार्रवाई को खारिज किया है और इसे उनके कार्यालय पर राजनीतिक दबाव के रूप में पेश किया है।
मारियाका ने अमेरिकी कार्रवाई पर क्या कहा?
बोलीविया के अटॉर्नी जनरल ने अमेरिका की वीजा पाबंदियों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे उनके कार्यालय पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
सु्क्रे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मारियाका ने कहा कि उनके कार्यालय की जांच से देश और विदेश में कुछ राजनीतिक क्षेत्रों को असंतोष हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक दबाव को तथ्यों की स्थापना और जांच के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
मारियाका ने कहा कि उनका कार्यालय अपनी जांच जारी रखेगा। इनमें अर्जेंटीना के राजनीतिक रणनीतिकार फर्नांडो सेरिमेडो से जुड़ा एक संवेदनशील मामला भी शामिल है। सेरिमेडो को ट्रंप के राजनीतिक दायरे से जुड़े व्यक्ति के रूप में बताया गया है और उन्होंने राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज के चुनाव अभियान को सलाह दी थी।
मारियाका और बोलीविया की सरकार के बीच मतभेद
रोजर मारियाका को 2024 में बोलीविया की पिछली वामपंथी सरकार के कार्यकाल के दौरान सांसदों ने छह साल के कार्यकाल के लिए चुना था।
उनके कार्यकाल के दौरान उनके कार्यालय की ओर से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों को संभालने के तरीके पर आलोचना भी हुई है।
मारियाका ने पूर्वी बोलीवियाई क्षेत्र सांता क्रूज में अभियोजकों का नेतृत्व किया था। इसी दौरान कथित उरुग्वे के ड्रग किंगपिन सेबेस्टियन मार्सेट के मामले में वह पुलिस अभियान से बच निकलने में सफल रहा था। मार्सेट अब अमेरिकी हिरासत में है।
इसके बाद मारियाका और राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज के बीच भी मतभेद सामने आए। पाज ने लगभग दो दशक तक चले समाजवादी शासन के बाद अमेरिका के साथ बोलीविया के संबंधों को मजबूत किया है।
ट्रंप प्रशासन की व्यापक वीजा नीति
अमेरिकी प्रशासन पहले भी वीजा को विदेश नीति और राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। विदेश विभाग ने कुछ मामलों में अमेरिका की यात्रा की अनुमति रोकने को भ्रष्टाचार, आव्रजन और अन्य नीतिगत मुद्दों से जोड़ा है।
ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण अफ्रीका के कुछ अधिकारियों पर भी वीजा प्रतिबंध लगाए हैं। इन अधिकारियों पर श्वेत लोगों के खिलाफ भेदभाव से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
इसके अलावा अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए फलस्तीनी प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों को वीजा देने से इनकार किया था।
इस तरह वीजा नीति ट्रंप प्रशासन की व्यापक विदेश और सुरक्षा नीति का एक हिस्सा बन गई है, जिसके तहत अमेरिका विभिन्न देशों के अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंधों के जरिए दबाव बना रहा है।
‘Shield of the Americas’ से जुड़ा संदर्भ
ट्रंप प्रशासन ने पश्चिमी गोलार्ध में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध प्रवासन और संगठित अपराध से निपटने के लिए ‘Shield of the Americas’ नामक समूह बनाया है। ताजा वीजा कार्रवाई को इसी व्यापक प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है।
बोलीविया, कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू इस अमेरिकी पहल से जुड़े देश हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसी महीने कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने इन देशों के मादक पदार्थों और मानव तस्करी के खिलाफ प्रयासों में अमेरिकी समर्थन का भरोसा दिलाया था। इन देशों के नेताओं ने पहले शिकायत की थी कि कार्रवाई के दायरे में आए कुछ लोग अपराध के खिलाफ उनकी सरकारों के प्रयासों में बाधा डाल रहे थे।
वीजा कार्रवाई का व्यापक संदेश
अमेरिकी प्रशासन ने ताजा कदम को भ्रष्टाचार, नार्को-ट्रैफिकिंग और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा से जुड़ा बताया है। वहीं, बोलीविया के अटॉर्नी जनरल ने इसे राजनीतिक दबाव बताया है और कहा है कि वह अपने कार्यालय की जांच जारी रखेंगे।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि ट्रंप प्रशासन लैटिन अमेरिकी देशों के साथ सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी और लोकतांत्रिक शासन से जुड़े मुद्दों पर वीजा प्रतिबंधों को एक नीति उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, प्रभावित अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रियाओं के परिणाम पर निर्भर करेगी।






