टाटा कंज़्यूमर के शेयरों में तेज़ी, गोल्डमैन सैक्स ने रेटिंग अपग्रेड कर टारगेट ₹1,200 किया। ब्रोकरेज को FY25-FY27 में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद, नोमुरा ने भी 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी।
TATA Group Stock: टाटा कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products) के शेयरों में 2 अप्रैल को 8.1% की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। एनएसई पर शेयर ₹1,073.15 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। दोपहर 12 बजे तक यह 7.03% की बढ़त के साथ ₹1,061.65 पर कारोबार कर रहा था, जबकि इस दौरान एनएसई निफ्टी 0.41% की बढ़त के साथ 23,260.85 पर था। इस उछाल के साथ टाटा कंज़्यूमर का मार्केट कैप बढ़कर ₹1,03,585.19 करोड़ हो गया।
गोल्डमैन सैक्स ने दी ‘BUY’ रेटिंग, टारगेट ₹1,200
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने टाटा कंज़्यूमर के शेयर रेटिंग को ‘Neutral’ से अपग्रेड कर ‘BUY’ कर दिया है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस ₹1,040 से बढ़ाकर ₹1,200 प्रति शेयर कर दिया है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि वित्त वर्ष 2025 से 2027 के बीच कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) में अच्छी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
रेटिंग अपग्रेड के पीछे क्या कारण?
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, अधिग्रहण से जुड़े खर्चों में कमी आने से नेट इंटरेस्ट कॉस्ट घटेगी और चाय की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते मार्जिन में सुधार होगा। हालांकि बाजार में प्रतिस्पर्धा एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि अब सबसे कठिन दौर बीत चुका है।
अन्य ब्रोकरेज फर्म्स की राय
नोमुरा (Nomura): टाटा कंज़्यूमर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट प्राइस ₹1,250 प्रति शेयर दिया।
CLSA: ‘Hold’ रेटिंग जारी रखी, लेकिन टारगेट प्राइस ₹1,049 से घटाकर ₹992 कर दिया।
कैसे रहे कंपनी के Q3 नतीजे?
31 दिसंबर 2024 को समाप्त तीसरी तिमाही में टाटा कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स का समेकित नेट प्रॉफिट ₹279 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹278.87 करोड़ था। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय ₹4,443.56 करोड़ रही, जबकि पिछले वर्ष यह ₹3,803.92 करोड़ थी।
चाय की कीमतों में उछाल से मुनाफे पर असर
टाटा नमक और ‘Tetley’ चाय जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए जानी जाने वाली कंपनी ने बताया कि घरेलू चाय की लागत में वृद्धि के कारण मुनाफे पर असर पड़ा है। चाय कंपनी की कुल आय में लगभग 60% योगदान देता है।
भारतीय कारोबार, जो दाल, मसाले समेत पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स बेचता है, कुल मुनाफे में 56% की हिस्सेदारी रखता है। इस तिमाही में इस खंड का मुनाफा 43% घट गया, जिसका प्रमुख कारण चाय की कीमतों में तेज़ वृद्धि रहा। इसके चलते Q3 में कंपनी के समेकित Ebitda मार्जिन में सालाना आधार पर 210 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आई।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।)