भाजपा ने मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए मजबूत रणनीति तैयार की है। सपा के गढ़ में पांच दिग्गज मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। कुंदरकी और कटेहरी में जीत के बाद पार्टी मिल्कीपुर में भी कमल खिलाने को तैयार है।
UP Politics: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कुंदरकी और कटेहरी उपचुनावों में मिली शानदार जीत के बाद पार्टी अब मिल्कीपुर में भी अपना परचम लहराने की पूरी तैयारी में है। इसके लिए पार्टी ने सपा के गढ़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पांच दिग्गज मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
सपा के गढ़ में भाजपा की जीत
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने सपा के गढ़ को भेदने के लिए एक मजबूत रणनीति बनाई है। कुंदरकी और कटेहरी उपचुनावों में मिली सफलता को देखते हुए, भाजपा का लक्ष्य अब मिल्कीपुर सीट पर भी जीत हासिल करना है। पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए पांच मंत्रियों को मिल्कीपुर उपचुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है।
मंत्रियों का नया नेतृत्व
अब तक चार मंत्रियों को मिल्कीपुर उपचुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अब पार्टी ने सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर को भी इस जिम्मेदारी का हिस्सा बना लिया है। इन पांच मंत्रियों में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, खाद्य और रसद मंत्री सतीश चंद्र शर्मा और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर शामिल हैं।
35 विधायकों को सौंपा गया विशेष कार्य
भाJपा ने मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए अपनी संगठनात्मक ताकत को भी पूरी तरह से सक्रिय किया है। पार्टी के 35 वर्तमान और पूर्व विधायकों को खास टास्क सौंपा गया है, जिसमें वे चुनावी प्रचार और रणनीति में पार्टी का सहयोग करेंगे। इसके अलावा, बाहरी जिलों के पदाधिकारियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी तैनात किया जाएगा।
बूथों का वर्गीकरण और कार्य योजना
भाJपा ने मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के कुल 414 बूथों को चार श्रेणियों में बांट दिया है, जिससे बूथों की स्थिति और पार्टी की मजबूती के हिसाब से रणनीति तैयार की जाएगी-
ए श्रेणी: वे बूथ, जहां भाजपा की स्थिति मजबूत है
बी श्रेणी: वे बूथ, जहां भाजपा और सपा के बीच बराबरी का मुकाबला है
सी श्रेणी: वे बूथ, जहां पार्टी की स्थिति कमजोर है
डी श्रेणी: वे बूथ, जहां भाजपा को बहुत कम वोट मिलते हैं
इन बूथों के लिए कार्य योजना बनाई गई है, जिससे पार्टी इन बूथों पर अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
सपा का गढ़ भेदने की चुनौती
मिल्कीपुर उपचुनाव सपा के लिए एक महत्वपूर्ण सीट है, जहां पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जाती है। भाजपा की रणनीति है कि कुंदरकी और कटेहरी की तरह मिल्कीपुर में भी जीत हासिल की जाए। भाजपा का दावा है कि विपक्ष के खोखले नारों को ध्वस्त करते हुए, पार्टी इस उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने जा रही है।
भाजपा की उम्मीदें और आगामी उपचुनाव
मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया है। पार्टी के मुताबिक, यह उपचुनाव न केवल राज्य की राजनीति में अहम साबित होगा, बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।
मिल्कीपुर उपचुनाव में उठ रही राजनीति की हलचल
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं हुई थी, क्योंकि उच्च न्यायालय में याचिका लंबित थी, लेकिन अब याचिका वापस लेने के बाद उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है, और सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।