कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने बेलगावी पुलिस से रिपोर्ट तलब की है, जिसमें NWKRTC बस कंडक्टर महादेव हुक्केरी के खिलाफ POCSO केस दर्ज करने के कारणों की स्पष्टता मांगी गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि कंडक्टर पर हुए हमले की पूरी जानकारी दी जाए।
विरोध प्रदर्शन की अनुमति, लेकिन शांति की अपील
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने कन्नड़ संगठनों को मंगलवार को विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा होती है, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेलगावी क्षेत्र में हालात को देखते हुए कर्नाटक-महाराष्ट्र के बीच बस सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। स्थिति सामान्य होते ही इन्हें बहाल कर दिया जाएगा।
कन्नड़ संगठनों की कार्रवाई की मांग
इस विवाद ने कर्नाटक में कन्नड़ संगठनों को आक्रोशित कर दिया है। कर्नाटक रक्षणा वेदिके (KRV) और अन्य कन्नड़ संगठनों ने राज्य सरकार पर दबाव बनाते हुए मराठी भाषी हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हाल ही में बालेकुंडरी में एक बस स्टॉप पर कन्नड़ में बातचीत करने को लेकर कंडक्टर पर हमला किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मारपीट की घटना के एक दिन बाद POCSO केस दर्ज कर दिया था। अब इस केस को वापस लेने की अटकलें हैं, क्योंकि पीड़िता के परिवार ने कथित रूप से मामला वापस लेने की अपील की है।
मंत्री तंगदागी की चेतावनी
कर्नाटक के कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगदागी ने भी महाराष्ट्र एकीकरण समिति (MES) को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने भाषा के नाम पर कन्नड़ लोगों को परेशान करना जारी रखा, तो उनके खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा, "अगर कोई राज्य की भाषा का विरोध करेगा, तो सरकार चुप नहीं बैठेगी। हम इस मामले को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह मंत्री परमेश्वर के सामने रखेंगे और सख्त कदम उठाएंगे।"
बेलगावी लंबे समय से भाषा और क्षेत्रीय पहचान को लेकर विवादों में रहा है। इस घटना ने फिर से राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। प्रशासन पर कन्नड़ समर्थक संगठनों का दबाव बढ़ रहा है कि वे MES की गतिविधियों पर रोक लगाएं और कन्नड़ विरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।