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Uttar Pradesh News: लखनऊ में IFS और उनके पति के खिलाफ फ्रॉड का आरोप, डॉक्टर दंपति ने दर्ज करवाई FIR

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लखनऊ में IFS अधिकारी निहारिका सिंह और उनके पति अजीत के खिलाफ दो नई एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह एफआईआर एक डॉक्टर दंपति द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें उन पर 1 करोड़ 86 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है।

Lucknow: भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी निहारिका सिंह और उनके पति अजीत के खिलाफ लखनऊ में दो नई एफआईआर दर्ज की गई हैं। कोर्ट के आदेश पर, निहारिका और अजीत पर एक डॉक्टर दंपति ने 1 करोड़ 86 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज कराया है।

आरोप है कि आईएफएस निहारिका और उनके पति ने डॉक्टर दंपति को मोटे मुनाफे का लालच देकर अपनी कंपनी में निवेश करने के लिए राजी किया और फिर उनसे पैसे ठग लिए।

निवेश के नाम पर 90 लाख रुपये हुए जमा

अनी बुलियन ट्रेडिंग कंपनी (Anee Bullion) के तहत अजीत और 'आई विजन इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड' के नाम पर IFS निहारिका सिंह ने पीड़ित डॉक्टर शैलेश अग्रवाल से अगस्त 2016 से सितंबर 2017 के बीच 90 लाख रुपये निवेश के नाम पर जमा करवाए।

हालांकि, सितंबर 2018 में 30 लाख रुपये वापस कर दिए गए, लेकिन ₹60 लाख का निवेश अभी भी जमा रखा गया है। बेहतर रिटर्न के आश्वासन पर 'आई विजन इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी' द्वारा मासिक बॉंड सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए। आरोप लगाया गया है कि निहारिका और अजीत ने मिलकर डॉक्टर शैलेश अग्रवाल के कुल एक करोड़ 22 लाख रुपये का ठगी की।

डॉ.मृदुला अग्रवाल से 51 लाख रुपये ढगे

इस मामले में दूसरी एफआईआर डॉक्टर शैलेश अग्रवाल की पत्नी, मृदुला अग्रवाल द्वारा अजीत और निहारिका के खिलाफ दर्ज की गई है। डॉ.मृदुला अग्रवाल से अगस्त 2016 में निवेश के नाम पर 51 लाख रुपये जमा कराए गए थे। मूलधन और ब्याज मिलाकर करीब 64 लाख रुपये का धन अजीत और निहारिका ने डॉ. मृदुला अग्रवाल से हड़प लिया। कोर्ट के आदेश पर गोमतीनगर थाने में अजीत और निहारिका के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इससे पहले भी लखनऊ के कई थानों में निहारिका और अजीत पर एक दर्जन से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

ED ने किया मामला दर्ज

पीड़ित दंपति के अनुसार, आई विजन इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड में IFS निहारिका निदेशक के पद पर कार्यरत थीं। उनके पति अनी बुलियन ट्रेडर्स के निदेशक हैं। आरोपियों ने इन दोनों कंपनियों और कुछ अन्य कंपनियों का उपयोग करके निवेश के नाम पर पूरे प्रदेश में कई लोगों को धोखा दिया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामला दर्ज किया है।

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