Columbus

World Chess Championship: भारतीय खिलाडी गुकेश ने पांचवीं बाजी में भी लिरेन के खिलाफ खेला ड्रॉ, फिलहाल 1-1 की बराबरी पर चल रहे हैं दोनों खिलाड़ी

🎧 Listen in Audio
0:00

भारत के 18 वर्षीय शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश ने वर्ल्ड चैंपियनशिप चैलेंजर बनने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बुधवार को अपने प्रतिद्वंद्वी डिंग लिरेन के खिलाफ तीसरी बाजी में जीत दर्ज की। 32 वर्षीय डिंग लिरेन, मौजूदा विश्व शतरंज चैंपियन, ने पहली बाजी जीतकर बढ़त बनाई थी। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश और चीन के मौजूदा विश्व चैंपियन डिंग लिरेन के बीच विश्व शतरंज चैंपियनशिप के पांचवें मुकाबले में रोमांचक ड्रॉ हुआ। सफेद मोहरों से खेलते हुए गुकेश ने अपने आक्रामक खेल से लिरेन को चुनौती दी, लेकिन अंततः यह बाजी अंक बांटने पर समाप्त हुई। अब तक दोनों खिलाड़ी 2.5-2.5 की बराबरी पर हैं। चैंपियनशिप जीतने के लिए किसी एक खिलाड़ी को कुल पांच अंक हासिल करने होंगे।

गुकेश के लिए यह प्रतियोगिता विशेष है क्योंकि वह खिताब के लिए चुनौती पेश करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। 18 वर्षीय गुकेश ने बुधवार को तीसरी बाजी जीतकर बढ़त बनाई थी। इससे पहले, लिरेन ने पहली बाजी में जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरी और चौथी बाजियों में दोनों खिलाड़ियों ने अंक बांटे थे।

डी गुकेश और लिरेन ने अबतक किया शानदार प्रदर्शन 

भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश की विश्व शतरंज चैंपियनशिप की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही। पहली बाजी में उन्होंने मैच को जटिल बनाने की कोशिश की, जो उनके लिए भारी साबित हुई। मौजूदा चैंपियन डिंग लिरेन ने इस अवसर का लाभ उठाकर बढ़त बना ली। हालांकि, गुकेश ने जल्दी ही वापसी करते हुए दूसरी बाजी में लिरेन को बराबरी पर रोका।

तीसरी बाजी में गुकेश ने शानदार खेल दिखाया। लिरेन की एक चूक और समय प्रबंधन की समस्या उनके लिए महंगी साबित हुई। तीसरी बाजी के दौरान गुकेश ने चालों की सटीकता से दबाव बनाया और केवल 23 चालों में जीत हासिल की। दिलचस्प बात यह थी कि इस मुकाबले में शुरुआती 13 चालों के भीतर ही गुकेश ने केवल चार मिनट खर्च किए, जबकि लिरेन ने लगभग एक घंटे का समय लिया।

इसके बाद चौथी और पांचवीं बाजियों में दोनों खिलाड़ी संतुलित खेल दिखाते हुए अंक बांटने पर मजबूर हुए। फिलहाल चैंपियनशिप में दोनों के बीच 2.5-2.5 की बराबरी है। यह मुकाबला अब तक दिलचस्प मोड़ पर है और आगामी बाजियां निर्णायक साबित हो सकती हैं।

Leave a comment