Buxar News: सरकारी जमीन पर सख्ती, मापी शुरू

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बिहार के बक्सर जिले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन की ओर से साफ चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर सरकारी भूमि खाली नहीं की गई, तो अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में जिले के कई इलाकों में जमीन की मापी (नाप-जोख) का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। कई जगहों पर सड़क, नाला, सरकारी भवन और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर लोगों ने कब्जा कर निर्माण कर लिया है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने पहले चरण में जमीन की मापी कराने का फैसला किया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहां और कितनी भूमि पर अतिक्रमण है।

मापी के दौरान राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नक्शा और रिकॉर्ड के आधार पर जमीन की सीमाएं तय कर रही है। जिन लोगों के कब्जे सरकारी भूमि पर पाए जाएंगे, उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा और स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का मौका मिलेगा। इसके बाद भी यदि कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन की ओर से बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग प्रशासन के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे सरकारी जमीन को मुक्त कराने में मदद मिलेगी। वहीं, अतिक्रमणकारियों में चिंता और बेचैनी देखी जा रही है। कई लोग प्रशासन से मोहलत देने या वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून के तहत सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाया जा रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी होगी और केवल रिकॉर्ड के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।

कुल मिलाकर, बक्सर में शुरू हुई मापी और संभावित बुलडोजर कार्रवाई से जिले में प्रशासनिक सख्ती का संदेश साफ तौर पर जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कितने अतिक्रमण स्वेच्छा से हटाए जाते हैं और कहां प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ती है।

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