भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम अब तक कभी भी सीनियर FIFA World Cup में हिस्सा नहीं ले सकी है। भले ही इस बार टूर्नामेंट में टीमों की संख्या बढ़ाकर 48 कर दी गई है, फिर भी India national football team रैंकिंग और क्वालिफिकेशन मानकों के कारण पीछे बनी हुई है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने से पहले एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। भारतीय मूल के युवा फुटबॉलर तहसीन मोहम्मद जमशेद ने इतिहास रचते हुए किसी भी राष्ट्रीय टीम के वर्ल्ड कप स्क्वाड में जगह पाने वाले पहले भारतीय मूल के खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। वह कतर की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा होंगे, जो इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में मैदान पर उतरेगी।
यह उपलब्धि भारतीय फुटबॉल के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण मानी जा रही है, क्योंकि भारत अब तक कभी भी पुरुष सीनियर फीफा वर्ल्ड कप में जगह नहीं बना पाया है।
कतर की टीम में मिली जगह
19 वर्षीय तहसीन मोहम्मद जमशेद को कतर की वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल किया गया है। वह कतर की प्रसिद्ध यूथ एकेडमी सिस्टम से विकसित हुए हैं और वर्तमान में अल-दुहैल एससी (Al-Duhail SC) के लिए खेलते हैं। तहसीन मूल रूप से केरल के कन्नूर से जुड़े परिवार से आते हैं, लेकिन उनका जन्म और परवरिश कतर में ही हुई है। उनके चयन के बाद फुटबॉल जगत में उनकी खूब चर्चा हो रही है।
कतर का पहला मुकाबला फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड के खिलाफ 14 जून को खेला जाएगा। यह मैच भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे शुरू होगा। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि क्या तहसीन जमशेद को अपने पहले ही वर्ल्ड कप मैच में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। उनके प्रदर्शन को लेकर फुटबॉल प्रशंसकों में खास उत्सुकता देखी जा रही है।
ग्रुप बी में कड़ा मुकाबला

कतर को ग्रुप बी में रखा गया है, जहां उसका सामना स्विट्जरलैंड के अलावा बोस्निया और हर्जेगोविना तथा मेजबान कनाडा जैसी मजबूत टीमों से होगा। यह ग्रुप मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, जहां हर मैच में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। तहसीन मोहम्मद जमशेद का जन्म 16 जून 2006 को कतर में हुआ था। उनके पिता मूल रूप से केरल के कन्नूर से हैं और कतर में कार्यरत हैं। उनके पिता स्वयं विश्वविद्यालय स्तर पर फुटबॉल खेल चुके हैं, और उन्हीं के मार्गदर्शन में तहसीन ने खेल की शुरुआत की।
लेफ्ट विंगर के रूप में खेलने वाले तहसीन ने 31 मार्च 2024 को सीनियर स्तर पर अपना डेब्यू किया था। वह कतर स्टार्स लीग में खेलने वाले पहले भारतीय मूल के खिलाड़ी भी बन चुके हैं।
भारतीय फुटबॉल के लिए प्रेरणादायक पल
हालांकि भारतीय राष्ट्रीय टीम अभी तक फीफा वर्ल्ड कप में जगह नहीं बना पाई है, लेकिन तहसीन का यह चयन भारतीय मूल के खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा माना जा रहा है। इससे यह भी साबित होता है कि भारतीय प्रवासी प्रतिभा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच किया जाएगा। इस बार टूर्नामेंट में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी।
इतिहास में पहली बार इस विश्व कप की मेजबानी तीन देश—संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको—मिलकर कर रहे हैं। 12 ग्रुपों में विभाजित यह टूर्नामेंट अब तक का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप माना जा रहा है।











