सीकर में ‘रन फॉर एनवायरनमेंट’ का आयोजन: पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती समेत कई नेताओं ने लिया हिस्सा

सीकर में पर्यावरण दिवस से पहले रन फॉर एनवायरनमेंट दौड़ का आयोजन हुआ। पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती समेत कई नेताओं ने भाग लिया और जागरूकता का संदेश दिया।

पसीकर में पर्यावरण दिवस से पहले रन फॉर एनवायरनमेंट दौड़ का आयोजन हुआ, जिसमें पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने पेड़ लगाने और जल संरक्षण को हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बताते हुए जागरूकता का संदेश दिया।

सीकर: पर्यावरण दिवस (5 जून) से एक दिन पहले राजस्थान के सीकर में ‘रन फॉर एनवायरनमेंट’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से किया गया, जिसमें शहर के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।

पूर्व सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी

इस जागरूकता दौड़ की शुरुआत सिल्वर जुबली रोड स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड से हुई। कार्यक्रम को पूर्व सांसद Sumedhanand Saraswati, जिला कलेक्टर Ashish Modi, पुलिस अधीक्षक Praveen Nayak Nunawat और दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी गजानंद कुमावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती स्वयं भी अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों के साथ दौड़ में शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी जागरूकता दौड़

‘रन फॉर एनवायरनमेंट’ पुलिस लाइन ग्राउंड से शुरू होकर शहर के कई प्रमुख मार्गों से गुजरी। प्रतिभागी कल्याण सर्किल, तापड़िया बगीची, जाट बाजार और महामंदिर रोड होते हुए रामलीला मैदान तक पहुंचे।

इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

कार्यक्रम में शामिल लोगों को टी-शर्ट और कैप वितरित किए गए, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और एकजुटता देखने को मिली।

पर्यावरण संरक्षण को ‘ड्यूटी’ की तरह निभाने का संदेश

पूर्व सांसद Sumedhanand Saraswati ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ लगाना और जल संरक्षण जैसे कार्यों को हमें अपनी “ड्यूटी” की तरह अपनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर प्रयास करे तो पर्यावरण में बड़ा सुधार संभव है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज की बदलती जीवनशैली और औद्योगिकीकरण के कारण पर्यावरण पर दबाव बढ़ रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

जनभागीदारी से बढ़ी कार्यक्रम की सफलता

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया। शहरवासियों की भागीदारी ने इस जागरूकता अभियान को एक सामुदायिक आंदोलन का रूप दे दिया।

आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल दौड़ कराना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।

प्रतिभागियों ने भी माना कि ऐसे आयोजन लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण के महत्व के प्रति प्रेरित करते हैं।

नेताओं और अधिकारियों का संयुक्त संदेश

कार्यक्रम में मौजूद दांतारामगढ़ प्रत्याशी गजानंद कुमावत ने कहा कि इस तरह की दौड़ और सार्वजनिक कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग किसी अभियान को सामूहिक रूप से देखते हैं, तो वे स्वयं भी उससे जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और नियमित रूप से ऐसे अभियानों में भाग लें।

प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण पर जोर

कार्यक्रम के दौरान प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण के महत्व पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ते शहरीकरण और संसाधनों के अत्यधिक उपयोग के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है।

इसलिए वृक्षारोपण, जल बचाव और स्वच्छता जैसे कदमों को केवल सरकारी नीति नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की जरूरत है।

पर्यावरण दिवस से पहले बढ़ी जागरूकता गतिविधियां

सीकर सहित पूरे क्षेत्र में पर्यावरण दिवस से पहले विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी वृक्षारोपण अभियान और स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

‘रन फॉर एनवायरनमेंट’ इसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय रूप से जोड़ना है।

Leave a comment