एमिरेट्स एयरलाइंस ने अपने विस्तार प्लान के तहत 2030 तक करीब 20 हजार नई नौकरियों का लक्ष्य तय किया है। नई उड़ानों, बढ़ते बेड़े और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए केबिन क्रू से लेकर तकनीकी पदों तक बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी।
Emirates Airlines Recruitment: दुबई स्थित एमिरेट्स एयरलाइंस ने 2030 तक लगभग 20 हजार नए कर्मचारियों की भर्ती की योजना का ऐलान किया है। यह भर्ती यूएई से संचालित कंपनी के बढ़ते विमान बेड़े, नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और मौजूदा रूट्स पर फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की तैयारी से जुड़ी है। इस प्रक्रिया में केबिन क्रू, पायलट, इंजीनियर और एयरपोर्ट ऑपरेशंस से जुड़े पद शामिल होंगे। कंपनी का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सेवा और समय पर उड़ानों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी है, साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी।
2030 तक 20 हजार नौकरियों का लक्ष्य
एमिरेट्स एयरलाइंस का यह भर्ती अभियान लंबे समय तक चलने वाला है। कंपनी के मुताबिक, आने वाले वर्षों में उसके बेड़े में कई नए विमान शामिल होंगे, जिससे नई उड़ानों की शुरुआत होगी और मौजूदा रूट्स पर फ्रीक्वेंसी भी बढ़ेगी। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर मानव संसाधन बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
एयरलाइंस अधिकारियों का कहना है कि यह भर्ती सिर्फ संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को बेहतर सेवा और समय पर ऑपरेशन सुनिश्चित करने पर भी फोकस रहेगा। इसके लिए हर विभाग में प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों की जरूरत होगी।

किन पदों पर मिलेगी नौकरी
इस भर्ती ड्राइव में केबिन क्रू, पायलट, इंजीनियर, टेक्नीशियन और एयरपोर्ट ऑपरेशंस से जुड़े कई पद शामिल होंगे। खास तौर पर केबिन क्रू की भर्ती हमेशा की तरह एमिरेट्स की प्राथमिकता में रहेगी, क्योंकि यही टीम यात्रियों के अनुभव को सीधे प्रभावित करती है।
इसके अलावा नए विमानों के संचालन और मेंटेनेंस के लिए पायलट और इंजीनियर जैसे तकनीकी पदों पर भी नियुक्तियां होंगी। एविएशन सेक्टर में करियर बनाने की सोच रहे युवाओं और अनुभवी प्रोफेशनल्स, दोनों के लिए यह बड़ा अवसर माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों पर भी रहेगा फोकस
एमिरेट्स ने यह भी स्पष्ट किया है कि यूएई के स्थानीय नागरिकों को रोजगार देने पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने विशेष ट्रेनिंग और भर्ती कार्यक्रम तैयार किए हैं, ताकि एमिराती युवाओं को अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा सके।
कंपनी का मानना है कि स्थानीय कर्मचारियों की भागीदारी से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्रीय जरूरतों और यात्रियों की अपेक्षाओं को समझने में भी मदद मिलेगी। इससे एयरलाइंस की सेवा गुणवत्ता और मजबूत होगी।









