5G India Growth: देश में 5 लाख से ज्यादा 5G टावर, 2030 तक 100 करोड़ यूजर्स का लक्ष्य

भारत में 5G नेटवर्क का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। 5 लाख से अधिक 5G टावर लग चुके हैं और सरकार ने 2030 तक 100 करोड़ 5G यूजर्स का लक्ष्य रखा है।

भारत में 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। देश में 5 लाख से अधिक 5G मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं और करीब 50 करोड़ लोग हाईस्पीड नेटवर्क से जुड़े हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 100 करोड़ 5G यूजर्स तक पहुंचना है।

Tech: 5G India Growth के क्षेत्र में भारत ने तेज़ी से प्रगति दर्ज की है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, देश में ढाई साल के भीतर 5 लाख से अधिक 5G मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं और लगभग 50 करोड़ लोग इस हाईस्पीड नेटवर्क का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक 5G यूजर्स की संख्या 100 करोड़ तक पहुंच जाएगी।

ढाई साल में 5G नेटवर्क का तेज़ विस्तार

भारत दुनिया के सबसे तेजी से 5G नेटवर्क का विस्तार करने वाले देशों में शामिल हो गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि सरकार और टेलिकॉम इंडस्ट्री के संयुक्त प्रयासों से महज ढाई वर्षों में देशभर में 5 लाख से अधिक 5G मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं। इसका सीधा लाभ करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को मिला है, जिन्हें पहले की तुलना में अधिक तेज़ इंटरनेट स्पीड और बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी मिल रही है।

वर्तमान में देश के लगभग 50 करोड़ लोग 5G नेटवर्क का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का अनुमान है कि अगले चार वर्षों में यह संख्या दोगुनी होकर 100 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इससे डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स और स्मार्ट टेक्नोलॉजी को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

'सर्विस नेशन' से 'प्रोडक्ट नेशन' बनने पर जोर

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत को केवल सेवा आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि टेलिकॉम और टेक्नोलॉजी उपकरणों के निर्माण में भी वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना लागू की है, जिससे देश में टेलिकॉम उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिला है।

मंत्री के अनुसार, इस योजना के कारण निवेश बढ़ा है, नए उद्योग स्थापित हुए हैं और रोजगार के अवसर भी तेजी से पैदा हुए हैं। सरकार का फोकस भारत को वैश्विक टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने पर है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस और टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर फोकस

केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 से पहले साझा की। यह देश का सबसे बड़ा टेलिकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी कार्यक्रम है, जिसका आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली में किया जाएगा। इस आयोजन में देश और दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियां अपने नए उत्पाद, 5G समाधान और भविष्य की तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी।

इसके अलावा मध्य प्रदेश के ग्वालियर में टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) विकसित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और भारत टेलिकॉम उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

BSNL 5G पर अब भी इंतजार

हालांकि केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में BSNL 5G की लॉन्चिंग को लेकर कोई नई जानकारी नहीं दी। वर्तमान में देश की सभी प्रमुख निजी टेलिकॉम कंपनियां 5G सेवाएं दे रही हैं, जबकि सरकारी कंपनी BSNL ने पिछले वर्ष 4G नेटवर्क शुरू किया था।

जानकारों का मानना है कि BSNL अपने मौजूदा 4G इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड कर 5G सेवाएं शुरू कर सकती है। माना जा रहा है कि इसकी शुरुआत नई दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से हो सकती है, हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

नए ग्राहकों को जोड़ने की होड़ जारी

देश में 5G विस्तार के साथ-साथ टेलिकॉम कंपनियों के बीच नए ग्राहकों को जोड़ने की प्रतिस्पर्धा भी तेज हो गई है। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, एयरटेल सबसे अधिक नए मोबाइल ग्राहक जोड़ने वाली कंपनी रही। रिलायंस जियो दूसरे और वोडाफोन-आइडिया (Vi) तीसरे स्थान पर रहे।

वहीं BSNL ने भी लगभग 94 हजार नए ग्राहक अपने नेटवर्क से जोड़े हैं, जो सरकारी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। दूसरी ओर MTNL ऐसी एकमात्र कंपनी रही, जिसके ग्राहकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि 5G नेटवर्क के लगातार विस्तार, डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग और टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के कारण आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े 5G बाजारों में शामिल हो जाएगा। सरकार का 2030 तक 100 करोड़ 5G यूजर्स का लक्ष्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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