उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आम आदमी पार्टी की “रोज़गार दो- सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा को शुक्रवार को तीसरे दिन भी जनता का जबरदस्त समर्थन मिला।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा लगातार तेज़ी से जनसमर्थन जुटा रही है। बेरोज़गारी, सामाजिक न्याय और सरकारी तंत्र में व्याप्त कथित भेदभाव के मुद्दों को लेकर निकाली गई इस यात्रा ने तीसरे दिन जनता में बड़ा उत्साह पैदा किया। आप के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में यह जनयात्रा अयोध्या के बीकापुर से शुरू होकर खजुरहट के रास्ते सुल्तानपुर के कूरेभार पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने बड़े स्वागत के साथ इसका अभिनंदन किया।
जनता का भारी उत्साह, पुष्पवर्षा और नारों के बीच आगे बढ़ी पदयात्रा
यात्रा के दौरान जगह-जगह युवाओं, महिलाओं, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुजुर्गों ने पदयात्रा में शामिल होकर समर्थन जताया। मार्ग भर “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” के नारे गूंजते रहे और लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा के प्रति अपना भरोसा दिखाया। तीन दिनों में ही यह पदयात्रा जनआंदोलन का स्वरूप लेने लगी है।
यह 13 दिनों की लगभग 200 किलोमीटर लंबी यात्रा अयोध्या से निकलकर सुल्तानपुर, अमेठी होते हुए प्रयागराज पहुंचेगी। पार्टी का कहना है कि यह यात्रा न्याय और रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण जनदबाव अभियान है।
संजय सिंह का हमला - 'यूपी में बेरोज़गारी चरम पर, सरकार के वादे खोखले'
पदयात्रा के दौरान संबोधित करते हुए संजय सिंह ने प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लाखों युवा नौकरी की प्रतीक्षा में निराश बैठे हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के चलते चयन रुक जाता है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि—

- शिक्षा विभाग में लगभग 5 लाख स्वीकृत पदों में से 2 लाख से अधिक पद रिक्त हैं।
- स्वास्थ्य विभाग में 1.5 लाख स्वीकृत पदों में से करीब 50 हजार पद खाली हैं।
- पुलिस विभाग में 4 लाख पदों में से 1 लाख से अधिक पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं।
संजय सिंह ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर खाली पद यह दर्शाते हैं कि सरकार रोजगार देने के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा, “जब तक हर हाथ को काम नहीं मिलेगा, तब तक किसी भी राज्य में विकास की कल्पना अधूरी है।”
‘सामाजिक न्याय’ पर फोकस – दलित, पिछड़े व वंचितों के अधिकारों की मांग
आप नेता ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण प्रणाली में हेराफेरी और पुलिस प्रशासन में पक्षपात जैसी समस्याएं समाज के कमजोर वर्गों को गहराई से प्रभावित करती हैं। संजय सिंह ने कहा, “लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब आखिरी व्यक्ति को न्याय मिलेगा। आम आदमी पार्टी का उद्देश्य है कि हर गरीब, हर दलित और हर नौजवान को समान अवसर व सम्मान मिले।”
उन्होंने दावा किया कि यह पदयात्रा केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है, जिसे जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
पंजाब के तरनतारन उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की हालिया जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह जनता की उस राजनीति के प्रति स्वीकृति है जो ईमानदारी और जनसेवा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियों ने यह साबित कर दिया है कि जनता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों पर विश्वास करती है।










