AFCAT 2026 के लिए आवेदन 20 मई से शुरू, NCC उम्मीदवारों को फीस में छूट

Indian Air Force ने AFCAT 2 2026 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन 20 मई से शुरू होंगे और NCC उम्मीदवारों को फीस में छूट दी जाएगी।

Indian Air Force ने AFCAT 2 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच के लिए आवेदन 20 मई से शुरू होंगे। NCC उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है।

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने AFCAT 2 2026 भर्ती परीक्षा के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच में कमीशंड ऑफिसर्स की नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार 20 मई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 19 जून 2026 निर्धारित की गई है।

फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी के लिए निकली भर्ती

AFCAT 2 2026 के तहत युवाओं को भारतीय वायु सेना में ऑफिसर बनने का मौका मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया फ्लाइंग ब्रांच, ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल पदों के लिए आयोजित की जा रही है।

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के जरिए फॉर्म भर सकेंगे। सामान्य उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 550 रुपये जमा करने होंगे, जबकि NCC उम्मीदवारों को फीस में छूट दी गई है।

योग्यता और आयु सीमा में हुआ बदलाव

इस बार भर्ती प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता से जुड़ा बड़ा बदलाव किया गया है। पहले आवेदन के लिए 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य थे, लेकिन अब यह शर्त हटा दी गई है।

हालांकि, उम्मीदवारों के लिए 12वीं में फिजिक्स और गणित विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी रहेगा।

आयु सीमा की गणना 1 जुलाई 2027 के आधार पर की जाएगी:

  • फ्लाइंग ब्रांच: 20 से 24 वर्ष
  • ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल/नॉन-टेक्निकल): 20 से 26 वर्ष

तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले लिखित परीक्षा आयोजित होगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू और SSB टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।

SSB प्रक्रिया के दौरान फिजिकल फिटनेस से जुड़े टेस्ट जैसे दौड़ और पुश-अप्स भी कराए जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के दौरान प्रतिमाह 56,100 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा।

टैटू नियमों को लेकर जारी हुए निर्देश

भारतीय वायु सेना ने टैटू को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्थायी टैटू की सामान्य तौर पर अनुमति नहीं होगी।

हालांकि, दोनों हाथों के अंदरूनी हिस्से में कोहनी से कलाई तक और हथेली के पीछे छोटे टैटू की अनुमति दी गई है। आदिवासी समुदायों को उनकी पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर विशेष छूट मिलेगी।

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