आगरा के फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा को शुक्रवार को उनके पैतृक गांव नगला देवहंस में अंतिम विदाई दी गई। विधायक का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। दोपहर करीब 12:30 बजे पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 से 15 हजार लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए गांव पहुंचे। पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा।
नगला देवहंस में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। गांव के लोगों के साथ फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से भी लोग वहां पहुंचे। जैसे-जैसे विधायक का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने का समय नजदीक आता गया, भीड़ बढ़ती गई। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों में उनके समर्थक, परिचित और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल रहे। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
अंतिम दर्शन के दौरान गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। रिपोर्ट के अनुसार लोगों के बीच ‘बाबूजी का नाम अमर रहेगा’ जैसे नारे भी सुनाई दिए। बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम बार देखने के लिए कतार में खड़े रहे। गांव में मौजूद लोगों के लिए यह भावुक क्षण था, क्योंकि जिस जनप्रतिनिधि से वे वर्षों से जुड़े रहे, उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पूरा क्षेत्र एक जगह जुटा था।
छोटेलाल वर्मा के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए आगरा और फतेहाबाद क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, सांसद राजकुमार चाहर, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह, जितेंद्र वर्मा, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, देवेंद्र त्यागी, राकेश कुशवाहा, पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और राहुल सिसोदिया समेत कई लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ का असर आसपास की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। नगला देवहंस और आसपास के मार्गों पर बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने के कारण लंबी कतारें लग गईं। पुलिसकर्मियों को भीड़ को व्यवस्थित करने और यातायात सुचारू रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करते हुए लोगों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
छोटेलाल वर्मा के निधन की खबर गुरुवार शाम सामने आई थी। वह 73 वर्ष के थे। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और उन्हें तेज बुखार की शिकायत बताई गई थी। 22 सितंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आगरा के राजपुर चुंगी स्थित उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। रास्ते में उनकी तबीयत और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं गुरुवार रात करीब 8:30 बजे उनका निधन हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, छोटेलाल वर्मा को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल ले जाने की तैयारी थी। एंबुलेंस से उन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हालत गंभीर होने पर उन्हें नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के प्रयास किए और सीपीआर भी दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
उनके निधन की खबर सामने आते ही फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को आगरा स्थित आवास पर लाया गया, जहां भी लोगों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को पैतृक गांव नगला देवहंस ले जाया गया।
छोटेलाल वर्मा का राजनीतिक सफर करीब तीन दशक से अधिक लंबा रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व चार बार किया। वह पहली बार 1993 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद 2002 में भी उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव जीता। वर्ष 2012 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया और बाद में फिर भाजपा में लौटे। वर्ष 2022 में भाजपा के टिकट पर उन्होंने फतेहाबाद सीट से चुनाव जीता।
इस तरह फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में छोटेलाल वर्मा की लंबी सक्रियता रही। अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में उन्होंने इस क्षेत्र से चुनाव लड़ा और चार बार विधायक चुने गए। उनके राजनीतिक सफर में दल परिवर्तन का दौर भी आया, लेकिन 2022 में भाजपा के टिकट पर जीत के बाद वह मौजूदा विधानसभा के सदस्य बने।
छोटेलाल वर्मा का जन्म 7 जुलाई 1953 को आगरा के नगला देवहंस गांव में हुआ था। वह स्थानीय स्तर पर लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे। रिपोर्टों के अनुसार उनका अपने समाज के साथ-साथ पिछड़े और कमजोर वर्गों के लोगों के बीच भी संपर्क रहा। यही वजह रही कि उनके निधन के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव पहुंचे।
उनके पारिवारिक जीवन की बात करें तो उनकी पत्नी माया देवी का पहले ही निधन हो चुका था। उनके परिवार में तीन बेटे रामसनेही वर्मा, लक्ष्मीकांत वर्मा और महेंद्र वर्मा तथा तीन बेटियां किरन, उषा और निशा हैं। विधायक के निधन के बाद परिवार के सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और दुख की इस घड़ी में साथ खड़े रहने की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी छोटेलाल वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने विधायक के निधन को दुखद बताते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। भाजपा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी।
पैतृक गांव में अंतिम दर्शन के दौरान जिस तरह लोगों की भीड़ जुटी, उससे यह साफ दिखाई दिया कि क्षेत्र में उनके समर्थकों और परिचितों की बड़ी संख्या है। हालांकि भीड़ का आकार किसी नेता के राजनीतिक प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं है, लेकिन अंतिम संस्कार के मौके पर हजारों लोगों की मौजूदगी ने घटना के प्रति स्थानीय लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया को जरूर सामने रखा।
अंतिम यात्रा के दौरान गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को संभालना पुलिस के लिए भी चुनौती रहा। बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के पहुंचने के कारण रास्तों पर भीड़ बढ़ गई थी। पुलिसकर्मियों ने वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की और अंतिम दर्शन के लिए आने वाले लोगों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया।
फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र में उनके निधन के बाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी शोक का माहौल है। एक लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे छोटेलाल वर्मा के निधन से उनके समर्थकों और सहयोगियों में दुख है। शुक्रवार को नगला देवहंस में जुटी भीड़ में गांव के लोगों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल रहे।
विधायक की अंतिम विदाई के दौरान लोगों ने उनके साथ बिताए समय और उनके राजनीतिक जीवन को याद किया। समर्थकों के लिए यह अवसर अपने नेता को अंतिम बार श्रद्धांजलि देने का था। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद लोगों की कतारें लग गईं और कई लोग काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
छोटेलाल वर्मा का निधन ऐसे समय हुआ जब वह फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक थे। उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान निधन की खबर से क्षेत्र में लोगों को अचानक बड़ा झटका लगा। कुछ दिनों से बुखार के बाद उनकी स्थिति बिगड़ी थी और परिवार उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहा था, लेकिन नोएडा में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अब उनके निधन के बाद फतेहाबाद क्षेत्र में उनके राजनीतिक जीवन और विधानसभा में उनके कार्यकाल को लेकर चर्चा जारी है। फिलहाल सबसे अधिक चर्चा उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार को लेकर रही, जहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। नगला देवहंस में शुक्रवार को देर तक लोगों का आना-जाना जारी रहा और पूरा गांव शोक में डूबा रहा।
छोटेलाल वर्मा को उनके पैतृक गांव में अंतिम विदाई दिए जाने के साथ ही फतेहाबाद की राजनीति के एक लंबे अध्याय का अंत हुआ। चार बार विधायक रहे वर्मा ने अपने राजनीतिक जीवन में अलग-अलग चुनावों में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उनके निधन के बाद समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने नम आंखों से उन्हें याद किया।
फतेहाबाद के नगला देवहंस में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, लोगों की लंबी कतारें और क्षेत्रीय नेताओं की मौजूदगी शुक्रवार की सबसे बड़ी तस्वीर रही। पुलिस को भीड़ और यातायात संभालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ा। परिवार और समर्थकों के लिए यह बेहद भावुक दिन रहा, जब उन्होंने अपने नेता को अंतिम विदाई दी।










