आगरा में बारिश पर ब्रेक, 18 जुलाई तक नहीं बरसेंगे बादल; तेज धूप और उमस ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

आगरा में पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई तक अच्छी बारिश की संभावना नहीं है। तेज धूप और उमस से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
आगरा में बारिश पर ब्रेक, 18 जुलाई तक नहीं बरसेंगे बादल; तेज धूप और उमस ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
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आगरा में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। पिछले दो दिनों से जिले में बारिश नहीं होने के कारण लोगों को तेज धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ रहा और सूरज की तेज किरणों ने दिन चढ़ने के साथ गर्मी का असर और बढ़ा दिया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई तक जिले में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में फिलहाल लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं।

सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण बाजारों, मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। दोपहर होते-होते गर्मी और नमी का असर इतना बढ़ गया कि लोग पसीने से तरबतर नजर आए। हवा में नमी अधिक होने के कारण तापमान सामान्य से अधिक महसूस हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश नहीं होने से वातावरण में मौजूद नमी उमस को और बढ़ा रही है।

पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद लोगों को उम्मीद थी कि मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन लगातार दो दिनों तक बारिश नहीं होने से गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया है। घरों और कार्यालयों में कूलर तथा एयर कंडीशनर का इस्तेमाल बढ़ गया है। वहीं, सड़क किनारे ठंडे पेय पदार्थ और जूस की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार इस समय मानसूनी गतिविधियां उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अधिक सक्रिय हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ गई है। इसी वजह से आगरा सहित आसपास के जिलों में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम बनी हुई है। हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही हो सकती है, लेकिन इससे तापमान में अधिक गिरावट आने की उम्मीद नहीं है।

तेज धूप और उमस का असर केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि किसानों पर भी पड़ रहा है। जिन क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, वहां पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों की नमी कम होने लगी है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर सिंचाई की व्यवस्था करने की सलाह दे रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्क रहने के लिए कहा गया है। अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और लंबे समय तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी गई है ताकि हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

नगर प्रशासन ने भी मौसम को देखते हुए आवश्यक तैयारियां रखने की बात कही है। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मौसम में अचानक बदलाव होता है, तो संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 जुलाई तक आगरा में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्के बादल छा सकते हैं। फिलहाल लोगों को तेज धूप, बढ़ती उमस और गर्म मौसम का सामना करना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक लगातार मानसूनी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और परिस्थितियों में बदलाव होने पर नया पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।

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