Rahul Gandhi Case: भगवान राम पर टिप्पणी मामले में वाराणसी कोर्ट की सुनवाई टली, अब 23 अक्टूबर को अगली तारीख

Rahul Gandhi Case में भगवान राम पर कथित टिप्पणी को लेकर वाराणसी कोर्ट की सुनवाई टल गई। अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद अगली तारीख 23 अक्टूबर 2026 तयहुई।

वाराणसी की एमपी-एमएलए अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ भगवान राम पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले की सुनवाई स्थगित हो गई। अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रस्ताव के कारण अब अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को होगी।

वाराणसी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भगवान राम पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सोमवार को वाराणसी की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। बार एसोसिएशन की ओर से एक अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किए जाने के कारण कार्यवाही स्थगित कर दी गई। एसीजेएम चतुर्थ (एमपी-एमएलए) नीरज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।

अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रस्ताव से टली सुनवाई

वाराणसी की MP-MLA कोर्ट में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल प्रार्थना पत्र पर सोमवार को सुनवाई होनी थी। हालांकि, बार एसोसिएशन की ओर से एक अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किए जाने के कारण न्यायिक कार्यवाही नहीं हो सकी। इसी वजह से मामले की सुनवाई आगे के लिए टाल दी गई।

एसीजेएम चतुर्थ (MP-MLA) नीरज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। अब इस दिन मामले से जुड़े प्रार्थना पत्र और पिछली सुनवाई के दौरान उठाई गई आपत्तियों पर आगे की कार्यवाही हो सकती है।

यह मामला भगवान राम पर राहुल गांधी की अमेरिका में की गई कथित टिप्पणी को लेकर दाखिल शिकायत से संबंधित है। फिलहाल अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी है और आरोपों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

राहुल गांधी के वकीलों के प्रार्थना पत्र पर उठी थी आपत्ति

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से अधिकृत अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और अनुज यादव ने अदालत में वकालतनामा दाखिल किया था। इसके साथ ही उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए समय दिए जाने का अनुरोध करते हुए एक प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया था।

शिकायतकर्ता हरिशंकर पांडेय ने इस प्रार्थना पत्र पर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि अदालत की ओर से राहुल गांधी को उपस्थित होने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में उनके अधिवक्ताओं द्वारा अदालत में पक्ष रखने के लिए समय मांगने के आवेदन का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।

इसी आपत्ति पर आगे सुनवाई होनी थी। लेकिन शोक प्रस्ताव के कारण अदालत में कार्यवाही नहीं होने से इस मुद्दे पर भी सुनवाई नहीं हो सकी। अब अगली तारीख पर मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

12 मई 2025 को दाखिल किया गया था प्रार्थना पत्र

प्रकरण के अनुसार, अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने 12 मई 2025 को वाराणसी की MP-MLA अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया गया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन के दौरान भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताया था और उनसे जुड़ी कहानियों को काल्पनिक कहा था।

शिकायतकर्ता ने इस कथित टिप्पणी को लेकर अदालत में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसी प्रार्थना पत्र पर न्यायालय में प्रक्रिया चल रही है।

मामले में आगे की कार्यवाही इस बात पर निर्भर करेगी कि अदालत शिकायत और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर क्या रुख अपनाती है। 23 अक्टूबर को प्रस्तावित सुनवाई में पिछली आपत्तियों पर विचार होने की संभावना है। हालांकि, अगली तारीख पर क्या निर्णय होगा, यह अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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